मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र में भूमि विवाद का एक मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला ने तहसील प्रशासन, राजस्व कर्मियों और एक प्रॉपर्टी डीलर पर मिलीभगत कर उसकी जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जा कराने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और विवादित भूमि पर चल रहे कार्य को तत्काल रुकवाने की मांग की है।
अलीगंज निवासी रीता देवी का कहना है कि रायभानखेड़ा स्थित गाटा संख्या-325 तथा उससे सटी सरकारी बंजर भूमि को लेकर विवाद लंबित है। इसके बावजूद संबंधित भूमि पर कथित रूप से प्लॉटिंग कर बिक्री का कार्य किया जा रहा है। उनका आरोप है कि इससे उनकी निजी भूमि के साथ-साथ सरकारी भूमि को भी नुकसान पहुंच रहा है।
शिकायत में रीता देवी ने आरोप लगाया है कि संबंधित प्रॉपर्टी डीलर ने तहसील प्रशासन की कथित मदद से उनकी बाउंड्रीवाल को गिरवा दिया और उसी निर्माण सामग्री का उपयोग कर दूसरी ओर नई दीवार खड़ी करा दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। पीड़िता का कहना है कि उन्होंने घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्य उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि राजस्व विभाग की ओर से मामले में अलग-अलग रिपोर्टें प्रस्तुत की गईं। उनके अनुसार एक रिपोर्ट में भूमि को खाली बताया गया, जबकि दूसरी रिपोर्ट में दूसरे पक्ष का कब्जा दर्शाया गया, जिससे पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े होते हैं।
रीता देवी का दावा है कि विरोध करने पर उन्हें धमकियां भी मिलीं। उनके मुताबिक, दूसरे पक्ष की ओर से कहा गया कि “पूरी तहसील हमारे साथ है।” उन्होंने बताया कि उनके पास जीपीएस लोकेशन वाले फोटो, गूगल अर्थ की इमेज और स्थानीय लोगों के शपथपत्र मौजूद हैं, जिन्हें वह अपने दावों के समर्थन में साक्ष्य बता रही हैं।
पीड़िता ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने और विवादित भूमि पर हो रहे कार्य पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर आज हस्तक्षेप नहीं हुआ तो आने वाले समय में भूमि खरीदने वाले लोग भी कानूनी विवाद में फंस सकते हैं।
वहीं, उपजिलाधिकारी मोहनलालगंज आकाश सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है और मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता, अवैध कब्जा या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उपलब्ध राजस्व अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय सुनिश्चित किया जाएगा।
