मोहनलालगंज, लखनऊ। खेती को अधिक लाभकारी बनाने और किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी के रास्ते तैयार करने के उद्देश्य से मंगलवार को अतरौली गांव में कृषि उद्यमिता विकास पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र, भाकृअनुप-भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ की ओर से आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. कामता प्रसाद, कृषि विज्ञान केंद्र लखनऊ के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. आरपी साहू और तकनीकी अधिकारी राम लखन ने किसानों को कृषि आधारित उद्यम शुरू करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने की जानकारी दी।

विशेषज्ञों ने कहा कि किसान केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित न रहकर कृषि से जुड़े अन्य व्यवसायों को भी अपनाएं। इससे खेती से होने वाली आमदनी के साथ आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित किए जा सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान कृषि आधारित विभिन्न उद्यमों की संभावनाओं, उनकी उपयोगिता और उन्हें स्थानीय स्तर पर शुरू करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।
किसानों को यह भी बताया गया कि गांव और आसपास उपलब्ध संसाधनों का योजनाबद्ध तरीके से इस्तेमाल कर कृषि को व्यवसाय के रूप में विकसित किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार कृषि आधारित गतिविधियों का चयन करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में किसानों के साथ कृषक महिलाओं ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। कुल 25 किसान और कृषक महिलाएं प्रशिक्षण में शामिल हुईं। प्रतिभागियों ने कृषि उद्यमिता से जुड़े विभिन्न सवाल विशेषज्ञों के सामने रखे, जिनका उन्हें विस्तार से समाधान बताया गया।
आयोजकों के मुताबिक, प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती के साथ स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ना और कृषि आधारित उद्यमों के जरिए उनकी आय के स्रोत बढ़ाने के लिए प्रेरित करना था।
