लखनऊ। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से लखनऊ में खाद्य कारोबारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कृष्णा नगर के सिंधु नगर स्थित महेश स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट में हुए इस कार्यक्रम में करीब 150 फूड बिजनेस ऑपरेटर (FBOs) ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम FoSTaC एडवांस ट्रेनिंग फॉर मैन्युफैक्चरर एवं जागरूकता के तहत आयोजित किया गया। इसमें खाद्य निर्माताओं को खाद्य सुरक्षा से जुड़े कानूनों और हाल में लागू किए गए प्रावधानों की जानकारी दी गई।
कच्चे माल और उत्पादन का रिकॉर्ड रखना जरूरी
प्रशिक्षण के दौरान खाद्य कारोबारियों को FSS Act-2006 के साथ 24 जून 2026 को किए गए संशोधनों के तहत आवश्यक अनुपालन के बारे में बताया गया। अधिकारियों और प्रशिक्षकों ने कच्चे माल की खरीद से लेकर उत्पादन तक के दैनिक रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से रखने पर जोर दिया।
इसके अलावा खाद्य उत्पादों की जांच के लिए NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं, पानी की गुणवत्ता की जांच, री-पैकेजिंग और उत्पादों की लेबलिंग से जुड़े नियमों की भी जानकारी दी गई।
150 FBOs ने लिया प्रशिक्षण
कार्यक्रम में सरोजनीनगर और नादरगंज क्षेत्र के खाद्य कारोबारियों के साथ इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन से जुड़े प्रतिनिधियों समेत करीब 150 FBOs शामिल हुए।
प्रशिक्षण के दौरान कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन, दस्तावेजों के रखरखाव और उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई।
ट्रेसिबिलिटी और फूड रिकॉल पर सवाल-जवाब
कार्यक्रम के अंतिम चरण में ट्रेसिबिलिटी और फूड रिकॉल जैसे विषयों पर सवाल-जवाब सत्र आयोजित किया गया। प्रतिभागियों ने खाद्य उत्पादों से संबंधित नियमों और अनुपालन को लेकर अपनी शंकाएं अधिकारियों के सामने रखीं।
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II विजय प्रताप सिंह, विभागीय अधिकारियों और FoSTaC ट्रेनर ने प्रतिभागियों के सवालों के जवाब देते हुए उनकी शंकाओं का समाधान किया। विभाग की ओर से खाद्य कारोबारियों से निर्धारित मानकों का पालन करने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
