मोहनलालगंज। अतरौली स्थित डॉन बॉस्को आश्रयालय से बिना बताए निकले 14 और 13 वर्ष के दो नाबालिगों को मोहनलालगंज पुलिस ने सात दिन के भीतर पंजाब से सकुशल बरामद कर लिया। दोनों किशोर 18 अगस्त की रात आश्रयालय से निकले थे, जिसके बाद उनके वापस नहीं लौटने पर आश्रयालय प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी थी।
मामले की सूचना मिलते ही मोहनलालगंज पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने आश्रयालय और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और मैनुअल जांच के जरिए दोनों के संभावित ठिकानों का पता लगाया गया।
आश्रयालय संचालक ने दर्ज कराई शिकायत
डॉन बॉस्को आश्रयालय के निदेशक बिमल क्रेकेटा ने दोनों नाबालिगों के अचानक आश्रयालय से चले जाने और काफी समय तक वापस नहीं आने पर मोहनलालगंज कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की।
प्रभारी निरीक्षक राम बाबू सिंह ने नाबालिगों की तलाश के लिए दो पुलिस टीमों का गठन किया। हुलासखेड़ा चौकी प्रभारी रामसागर गुप्ता और पुलिसकर्मी सत्येंद्र समेत टीम ने आश्रयालय के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की। इसके अलावा दोनों के संभावित रास्तों और संपर्कों के संबंध में भी जानकारी जुटाई गई।
पंजाब में मिली लोकेशन
जांच के दौरान पुलिस को दोनों नाबालिगों के पंजाब के सासनगर इलाके में होने का सुराग मिला। इसके बाद मोहनलालगंज पुलिस टीम पंजाब पहुंची और थाना सिटी खरार पुलिस की मदद से दोनों की तलाश शुरू की।
पुलिस टीम ने सासनगर में मिले सुराग के आधार पर एक स्थान पर छानबीन की, जहां दोनों नाबालिग अपनी बुआ के घर पर सुरक्षित मिले। पुलिस ने दोनों को अपनी अभिरक्षा में लेकर आवश्यक पूछताछ की और इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू की।
आश्रयालय में अच्छा नहीं लगता था
पूछताछ में दोनों नाबालिगों ने पुलिस को बताया कि उन्हें आश्रयालय में रहने में अच्छा नहीं लगता था। इसी वजह से उन्होंने 18 अगस्त की रात वहां से निकलने का फैसला किया। आश्रयालय से बाहर निकलने के बाद दोनों पंजाब में रहने वाली अपनी बुआ के घर पहुंच गए थे।
पुलिस के मुताबिक दोनों नाबालिगों को सकुशल बरामद कर लिया गया है। मामले में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय स्तर पर की गई जांच के आधार पर दूसरे राज्य तक पहुंचकर दोनों को सात दिन के अंदर सुरक्षित बरामद किया।
