निगोहां। मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के उतरावां के सैदापुर गांव के पास रायबरेली संपर्क मार्ग से लगी सरकारी भूमि पर कथित कब्जे का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि ग्राम सभा की जमीन के एक हिस्से पर प्लाटिंग के उद्देश्य से रास्ता बना दिया गया है, जबकि दूसरे हिस्से में यूकेलिप्टस के पेड़ लगाए गए हैं। मामले में अधिवक्ता ओम प्रकाश ने जिलाधिकारी को शपथ पत्र देकर शिकायत की है और जमीन की पैमाइश कराकर कथित कब्जा हटाने की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, गाटा संख्या 655 में करीब 0.5150 हेक्टेयर भूमि ग्राम सभा के अभिलेखों में दर्ज है। आरोप है कि सरकारी भूमि के एक हिस्से का इस्तेमाल प्लाटिंग के लिए रास्ता बनाने में किया जा रहा है। वहीं, शेष हिस्से में यूकेलिप्टस के पौधे लगाए जाने की बात कही गई है।

सामुदायिक मिलन केंद्र के लिए प्रस्तावित थी जमीन

शिकायतकर्ता का दावा है कि करीब पांच वर्ष पहले भूमि प्रबंधन समिति की ओर से केंद्र सरकार की पायलट परियोजना के तहत इसी जमीन पर डॉ. भीमराव अंबेडकर सामुदायिक मिलन केंद्र के निर्माण और मूर्ति स्थापना का प्रस्ताव पारित किया गया था। हालांकि, प्रस्ताव के बावजूद अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।

इसी बीच जमीन पर कथित कब्जे और प्लाटिंग से जुड़ी गतिविधियां शुरू होने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि संपर्क मार्ग के किनारे होने के कारण भूमि महत्वपूर्ण है और यदि समय रहते इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो भविष्य में सरकारी जमीन के निजी इस्तेमाल का खतरा बढ़ सकता है।

राजस्व निरीक्षक पर कार्रवाई न करने का आरोप

अधिवक्ता ओम प्रकाश ने शिकायत में क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक निजामुद्दीन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि उन्होंने करीब दस दिनों तक कथित कब्जे की जानकारी राजस्व निरीक्षक को लिखित और मौखिक रूप से दी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ राजस्व निरीक्षक की भूमिका की भी जांच की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पैमाइश और सीमांकन की मांग

ग्रामीणों और शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी एवं तहसील प्रशासन से मौके पर राजस्व टीम भेजकर जमीन का सीमांकन और पैमाइश कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में यदि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो उसे हटाकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों ने करीब पांच वर्ष पहले प्रस्तावित सामुदायिक मिलन केंद्र की वर्तमान स्थिति भी सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि भूमि इस परियोजना के लिए सुरक्षित है तो वहां निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाना चाहिए।

एसडीएम ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही

एसडीएम मोहनलालगंज आकाश सिंह ने बताया कि सरकारी भूमि से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई है। राजस्व विभाग से मौके की जांच कराने के साथ अभिलेखों के आधार पर भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराई जाएगी। यदि जांच में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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