निगोहां। निगोहां पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के एक मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी बाइक को बेचने के लिए लखनऊ ले जाने की तैयारी में थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
थानाध्यक्ष रवींद्र कुमार के मुताबिक, रामपुरगढ़ी जमुनी निवासी सुमित कुमार ने शनिवार को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी मोटरसाइकिल गांव में सड़क किनारे खड़ी थी। कुछ समय बाद वापस लौटने पर बाइक वहां नहीं मिली। अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी और मुखबिर से मिला सुराग
घटना के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्धों की जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान पुलिस को बाइक चोरी करने वाले आरोपियों के संबंध में अहम सुराग मिले।
रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि चोरी की मोटरसाइकिल लेकर दो संदिग्ध युवक नगराम क्षेत्र के पतौना गांव के पास वन विभाग के जंगल में मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपियों की पहचान पवन निवासी अमराई गांव, इंदिरानगर, वर्तमान पता गड़रियनखेड़ा, नगराम और कन्हैया प्रजापति (35) निवासी टिहर, थाना रामपुरा, जालौन, वर्तमान पता तेलीबाग-गोपालपुर के रूप में हुई।
जंगल में छिपाई थी चोरी की बाइक
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने बाइक चोरी करने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि 29 अगस्त की रात करीब आठ बजे उन्होंने मोटरसाइकिल चोरी की थी। पुलिस से बचने के लिए बाइक को नगराम क्षेत्र के जंगल में छिपा दिया था। इसके बाद उसे बेचने के लिए लखनऊ ले जाने की तैयारी थी, लेकिन पुलिस ने उससे पहले ही दोनों को पकड़ लिया। पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल बरामद कर ली।
पहले से दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार कन्हैया प्रजापति के खिलाफ उरई और निगोहां थानों में चोरी के तीन मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वहीं पवन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास के संबंध में अन्य थानों से भी जानकारी जुटा रही है।
निगोहां पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया। अदालत के आदेश पर दोनों को जेल भेज दिया गया।
