लखनऊ। लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने देश की आर्थिक स्थिति और बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास और अर्थव्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि आम लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों का सामना करना पड़ रहा है।
सुनील सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से GDP और आर्थिक विकास के आंकड़ों के आधार पर देश की मजबूत तस्वीर पेश की जाती है, लेकिन आम परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी देखा जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अर्थव्यवस्था मजबूत है तो आम आदमी की आय और उसकी खरीद क्षमता पर दबाव क्यों महसूस हो रहा है।
लोकदल अध्यक्ष ने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि CNG, दूध, LPG, चीनी समेत रोजमर्रा की कई आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से घरेलू बजट प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि परिवारों के खर्च बढ़ रहे हैं और भविष्य को लेकर लोगों की चिंता भी बढ़ रही है।
उन्होंने बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और छोटे कारोबारियों की आर्थिक चुनौतियों का भी जिक्र किया। सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार को इन मुद्दों पर ठोस कदम उठाने चाहिए, लेकिन इसके बजाय उपलब्धियों के प्रचार पर अधिक जोर दिया जा रहा है।
मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का दायित्व जनता से जुड़े मुद्दों को सामने लाना और सरकार से जवाब मांगना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी प्रचार के बीच कई बार आम लोगों की समस्याएं पीछे छूट जाती हैं।
सुनील सिंह ने कहा कि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए महंगाई पर नियंत्रण, रोजगार के अवसर बढ़ाने, किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने और छोटे कारोबारियों को राहत देने जैसे मुद्दों पर प्राथमिकता से काम किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, केवल आंकड़ों और दावों से आम जनता की आर्थिक परेशानियां दूर नहीं होंगी।
लोकदल अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह आर्थिक नीतियों और विकास के दावों के साथ-साथ जमीनी स्तर पर लोगों की स्थिति का भी आकलन करे। उन्होंने कहा कि जनता को प्रचार और घोषणाओं से ज्यादा महंगाई से राहत, रोजगार के अवसर और आर्थिक सुरक्षा की जरूरत है।
