मोहनलालगंज, लखनऊ। विधानसभा क्षेत्र मोहनलालगंज की ग्रामसभा सिकंदरपुर कुंवर बहादुर खेड़ा में समाजवादी पार्टी की ओर से सरकारी विद्यालयों और ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर हुए कार्यक्रम में ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यार्थियों से शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर संवाद किया गया।

कार्यक्रम की आयोजक एवं समाजवादी पार्टी लखनऊ की जिला उपाध्यक्ष अर्चना रावत ने कहा कि प्रदेश में कई सरकारी विद्यालयों के बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के सामने बच्चों की शिक्षा को लेकर परेशानी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो बंद किए गए सरकारी विद्यालयों को फिर से संचालित कराने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि गांव के बच्चों को उनके घर के आसपास ही शिक्षा की सुविधा मिल सके।

अर्चना रावत ने कहा कि सरकारी स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। विद्यालय दूर होने की स्थिति में बच्चों को आवागमन की परेशानी उठानी पड़ती है और इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ सकता है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में पूर्ववर्ती समाजवादी सरकार के कार्यों और योजनाओं का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मोहनलालगंज सांसद आरके चौधरी ने ग्रामीणों और विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की तरक्की में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों को बेहतर बनाना और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना जरूरी है।
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष उमाशंकर वर्मा, महमूदपुर के प्रधान सर्वेश रावत, संतोष रावत, राकेश यादव और संदीप यादव सहित पार्टी के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक और ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था से संबंधित समस्याएं और अपनी अपेक्षाएं भी नेताओं के सामने रखीं।
