मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज कस्बे की मऊ रेलवे क्रासिंग मंगलवार को करीब आधे घंटे तक बंद रही। क्रासिंग बंद होते ही दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। क्रासिंग खुलने के बाद भी कुछ देर तक वाहनों का दबाव बना रहा, जिससे राहगीरों को जाम से निकलने में काफी समय लगा।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मऊ रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ट्रेनों के आवागमन के दौरान क्रासिंग बंद होने से आए दिन जाम की स्थिति बनती है। इसका असर स्कूली बच्चों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और बाजार आने-जाने वाले लोगों पर पड़ता है।
तहसील के बाहर बेतरतीब पार्किंग बनी मुसीबत
वहीं, तहसील में रजिस्ट्री सहित अन्य कामों के लिए आने वाले लोगों द्वारा सड़क के दोनों किनारों पर बेतरतीब तरीके से वाहन खड़े किए जाने से भी समस्या बढ़ रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पहले से संकरी सड़क पर दोनों ओर वाहनों की पार्किंग होने से आवागमन बाधित रहता है। ऐसे में रेलवे क्रासिंग बंद होने पर जाम और विकराल रूप ले लेता है।
राहगीरों ने पुलिस और ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थिति लगातार बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि तहसील के बाहर रोजाना सड़क के दोनों तरफ वाहन खड़े रहते हैं, लेकिन यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
चुनावी वादों के बाद भी ओवरब्रिज का इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान सांसद और विधायक प्रत्याशियों की ओर से रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्माण का आश्वासन दिया जाता रहा है, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद समस्या जस की तस रह जाती है। लोगों ने मांग की है कि ओवरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाई जाए।
स्थानीय लोगों ने कहा कि जब तक ओवरब्रिज का निर्माण नहीं होता, तब तक क्रासिंग के दोनों ओर यातायात प्रबंधन के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए। साथ ही तहसील के बाहर बेतरतीब पार्किंग पर रोक लगाकर सड़क को अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग से मुक्त कराया जाए, ताकि रोजाना लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिल सके।
