मोहनलालगंज, लखनऊ। जननायक सुजीत पाण्डेय मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से संचालित चार माह के कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को विदाई समारोह के साथ समापन हुआ। समारोह में प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के सफल समापन पर केक काटकर खुशी मनाई गई और सभी प्रशिक्षार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
समारोह के दौरान प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए हुनर का उपयोग रोजगार और स्वरोजगार के अवसर हासिल करने में करने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में रोजगारपरक कौशल युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हुनर का सही इस्तेमाल कर स्वरोजगार शुरू किया जा सकता है और आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है।
महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
ट्रस्ट के प्रबंधक डॉ. अजय पाण्डेय ने कहा कि जननायक सुजीत पाण्डेय मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से बालिकाओं और महिलाओं को ब्यूटी पार्लर, सिलाई सहित विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि जरूरतमंद युवाओं और महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की ओर से भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी रखे जाएंगे।
प्रशिक्षण प्रभारी एवं राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अवधेश कुमार ने कहा कि कौशल विकास आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। चार माह के प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों ने पूरी लगन और उत्साह के साथ विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि प्रयास रहेगा कि प्रशिक्षण लेने वाला प्रत्येक प्रतिभागी अपने हुनर को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़कर परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में योगदान दे।
उन्होंने कहा कि बदलते दौर में पारंपरिक शिक्षा के साथ रोजगारपरक प्रशिक्षण भी आवश्यक है। हुनरमंद युवा और महिलाएं नौकरी तलाशने के साथ खुद भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।
समारोह के अंत में प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों को सफलता और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम में प्रशिक्षण से जुड़े प्रशिक्षक, सहयोगी और अन्य लोग मौजूद रहे।
