लखनऊ, 13 सितंबर। पारख महासंघ की ओर से रविवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित “आत्म सम्मान रैली” में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आयोजकों के मुताबिक रैली में 50 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ देश के 20 से अधिक राज्यों से भी लोग कार्यक्रम में पहुंचे। आयोजकों ने दावा किया कि रैली में शामिल होने वाले लोगों ने अपने स्तर से खर्च कर कार्यक्रम में भागीदारी की।
रैली में किसान, मजदूर, शिक्षक, संविदाकर्मी और आउटसोर्सिंग कर्मचारी समेत बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के विचारों और उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को उठाना बताया गया।

रैली के मुख्य वक्ता पारख महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर रहे। उन्होंने अपने संबोधन में नशे की समस्या, शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और संविदा कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि देश को विकसित, आत्मनिर्भर और नशामुक्त बनाने के लिए समान शिक्षा और रोजगारपरक शिक्षा की व्यवस्था जरूरी है।
कौशल किशोर ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर सीधी भर्ती की दिशा में कदम उठाना चाहिए। उन्होंने आशा बहुओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, रसोइयों, रोजगार सेवकों, शिक्षामित्रों, शिक्षा अनुदेशकों, पीआरडी जवानों, होमगार्ड, बिजली और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े संविदाकर्मियों समेत विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों को नियमित करने की मांग उठाई।
उन्होंने सरकारी कार्यालयों में आम जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार किए जाने की जरूरत भी बताई। कौशल किशोर के मुताबिक थाना, तहसील और अन्य सरकारी कार्यालयों में लोगों की समस्याएं सम्मानपूर्वक सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कोटेदारों का कमीशन बढ़ाने की मांग भी रखी।
नशामुक्ति के मुद्दे पर कौशल किशोर ने कहा कि समाज को नशे से बचाने के लिए सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों से भी नशे से दूर रहने की अपील की।
उन्होंने अपने बेटे आकाश किशोर जैबी की नशे के कारण हुई मृत्यु का जिक्र करते हुए बताया कि 19 अक्टूबर को उनकी पुण्यतिथि पर पहले नशामुक्त मैराथन का आयोजन किया जाता रहा है। इस बार 19 अक्टूबर को लखनऊ के गांधी भवन सभागार में पारख महासंघ और नशामुक्त समाज आंदोलन अभियान की ओर से सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की गई। इसमें नशामुक्त, अपराधमुक्त, रोजगारपरक और समान शिक्षा जैसे विषयों पर चर्चा के लिए देशभर से प्रतिनिधियों को बुलाने की बात कही गई।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि मोहनलालगंज विधायक अमरेश कुमार रावत ने कहा कि जनता अब जागरूक हो रही है और जाति-धर्म से ऊपर उठकर डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को महत्व देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
मलिहाबाद विधायक जयदेवी कौशल ने शीतला मंदिर से जुड़े मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें मंदिर में भूमि पूजन नहीं करने दिया गया। उन्होंने कहा कि मंदिर की व्यवस्था को लेकर जनता में बदलाव की इच्छा है।
अनुसूचित जाति मोर्चे के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विकास किशोर ‘आशू’ ने स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक इतिहास से जुड़े विभिन्न महापुरुषों एवं वीरांगनाओं के योगदान को शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने की मांग रखी।
आयोजकों के मुताबिक रैली में लखनऊ के अलावा मोहनलालगंज, बीकेटी, मलिहाबाद, सरोजनीनगर, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, बाराबंकी, रायबरेली, लखीमपुर, अयोध्या, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, बहराइच, कानपुर, आगरा, वाराणसी, आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया, झांसी, मथुरा, मुरादाबाद, गाजियाबाद, नोएडा समेत प्रदेश के कई जिलों से लोग पहुंचे।
रैली में विभिन्न सामाजिक संगठनों और क्षेत्रों से जुड़े पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भी मंच साझा किया। इनमें बाबू तेजीराम रावत, रघुनंदन प्रसाद रावत, श्यामलाल तूफानी, रामकुमार राही, मीनू वर्मा, लालजी भार्गव, मायाराम, राकेश रावत, जगदंबा त्रिपाठी, वीरेंद्र रावत, विपिन तिवारी, विकास रावत, प्रवीन रावत, मुनेश्वर रावत, पंकज रावत, सुमित रावत, धर्मराज रावत, सूरज रावत, रंजीत रावत, रज्जनलाल रावत समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।
