नगराम, लखनऊ। नगराम पुलिस ने अंतरजनपदीय गांजा तस्करी से जुड़े एक मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से लग्जरी टाटा सफारी में छिपाकर रखा गया 12.750 किलोग्राम गांजा, तीन मोबाइल फोन, 3,100 रुपये नकद और पीली धातु की चेन बरामद हुई है। पुलिस ने बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई है।

पुलिस के अनुसार, गुरुवार को नगराम पुलिस टीम नगराम-गंगागंज मार्ग पर शिवपुरा मोड़ के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान काले रंग की टाटा सफारी UP32 EL 8000 को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन में एक बोरी के अंदर छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ।
मौके से पुलिस ने सचिन सिंह, निवासी करूआ देवरा, थाना घुंघटेर, बाराबंकी, हाल पता रामबक्शखेड़ा, थाना गोसाईंगंज और सत्यम सिंह, निवासी तमोरिया, थाना नगराम को गिरफ्तार किया।

गोण्डा से लखनऊ तक सप्लाई का पुलिस का दावा
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे गोण्डा के जरवल और आसपास के इलाकों से गांजा खरीदकर लखनऊ समेत आसपास के जिलों में सप्लाई करते थे। पुलिस का दावा है कि 10 से 15 किलो तक की खेप सफारी कार में छिपाकर लाई जाती थी और बाद में गिरोह के अन्य सदस्यों को छोटी मात्रा में बांट दी जाती थी।
पुलिस के अनुसार, आगे इसे छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर आसपास के इलाकों में बेचने का आरोप है।
जांच के दौरान सचिन सिंह ने कथित तौर पर बताया कि गांजा तस्करी से हुई कमाई से उसने मोबाइल फोन, चेन और सफारी कार खरीदी थी। पुलिस के मुताबिक, इसी सफारी का इस्तेमाल गांजे की खेप लाने और उसकी सप्लाई करने में किया जाता था।
नगराम पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और तस्करी के नेटवर्क के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी अंजनी कुमार सिंह, उपनिरीक्षक राकेश कुमार मिश्रा, ऋषभ पाण्डेय, संदीप कुमार, महिला उपनिरीक्षक अल्पा देवी, कांस्टेबल संजय कुमार, नीलेश कुमार और महिला कांस्टेबल मनीषा चाहर शामिल रहीं।
