मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज पुलिस ने नहर पुलिया के नीचे मिले युवक के शव के मामले का 36 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, मृतक रामकिशोर वाल्मीकि की हत्या उसकी पत्नी ने अपने कथित प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर कराई थी। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को संरक्षण में लिया गया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चाकू और शव को ले जाने में प्रयुक्त ई-रिक्शा भी बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, छन्दोइयाखेड़ा निवासी कविता देवी की तहरीर पर रामकिशोर की हत्या और शव छिपाने के संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने जांच के लिए चार टीमें गठित की थीं।

180 से अधिक कैमरों की फुटेज खंगाली
हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस टीमों ने घटनास्थल से लेकर शव फेंके जाने वाले स्थान तक के रास्तों पर लगे करीब 170 से 180 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से पुलिस ने शव ले जाने में इस्तेमाल किए गए ई-रिक्शा की पहचान की। इसके बाद जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, प्रेम संबंध को लेकर था विवाद
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार सूफिया बानो ने कथित तौर पर बताया कि रामकिशोर से उसके करीब चार साल से संबंध थे और करीब दो साल पहले दोनों ने निकाह किया था। पुलिस के अनुसार, बाद में रामकिशोर को सूफिया के मुन्ना उर्फ मुच्छड़ से कथित संबंधों की जानकारी हुई, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद होने लगा।
पुलिस का कहना है कि रामकिशोर अपनी पहली पत्नी कविता देवी के पास भी आता-जाता था और उसे खर्च देता था। इसी बात को लेकर सूफिया का रामकिशोर से विवाद होता था। आरोप है कि इसके बाद सूफिया ने मुन्ना उर्फ मुच्छड़ और उसके साथी मो. इकबाल उर्फ वसीर अहमद के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
घर में घुसकर वारदात को अंजाम देने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार रात सूफिया ने कथित तौर पर मुन्ना और इकबाल को घर बुलाया और दरवाजे की चिटकनी खुली छोड़ दी। दोनों घर के अंदर पहुंचे और सो रहे रामकिशोर पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस का दावा है कि वारदात के बाद फर्श पर पड़े खून के निशान मिटाने का प्रयास किया गया। इसके बाद शव को लकड़ी के बाक्स में रखकर बिस्तर के नीचे छिपा दिया गया। हत्या में इस्तेमाल चाकू को भी कपड़ों के नीचे छिपाने की बात पुलिस ने बताई है।
बाद में शव को ई-रिक्शा लोडर UP 32 ST 9940 में रखकर कनकहा के पास भावाखेड़ा नहर पुलिया के नीचे फेंकने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने शव की पहचान छिपाने के उद्देश्य से उसे सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने का प्रयास किया।
तीन गिरफ्तार, नाबालिग संरक्षण में
पुलिस ने मामले में 40 वर्षीय मो. इकबाल उर्फ वसीर अहमद, 52 वर्षीय मुन्ना उर्फ मुच्छड़ और 35 वर्षीय सूफिया बानो को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा एक नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लिया गया है।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल चाकू और ई-रिक्शा बरामद करने की बात कही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। पुलिस मामले की आगे की विवेचना कर रही है।
