लखनऊ। UPI के जरिए होने वाले कुछ बड़े व्यापारी लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के विरोध में आम आदमी पार्टी के व्यापार प्रकोष्ठ ने शनिवार को स्वास्थ्य भवन चौराहे पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और व्यापारियों ने शुल्क व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इसे वापस लेने की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, नए MDR से छोटे और मध्यम कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है। हालांकि, केंद्र सरकार के अनुसार यह UPI पर लगाया गया कोई टैक्स नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 0.4 प्रतिशत MDR केवल निर्धारित पात्र व्यापारी लेनदेन पर लागू होगा और सामान्य उपभोक्ता तथा व्यक्ति-से-व्यक्ति UPI भुगतान शुल्क-मुक्त रहेंगे।
सरकार के फैसले पर उठाए सवाल
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मनोज मिश्रा ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बाद अब व्यापारियों पर MDR का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने छोटे दुकानदारों, ठेले वालों और अन्य कारोबारियों की लागत बढ़ने की आशंका जताते हुए शुल्क व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग की।

मिश्रा ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी व्यापारियों के मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक उठाएगी। उन्होंने राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में इस मुद्दे पर आंदोलन जारी रखने की बात कही।
लखनऊ जिलाध्यक्ष इरम रिजवी ने कहा कि छोटे दुकानदार पहले से ही कई तरह की आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान से जुड़े किसी भी अतिरिक्त खर्च को लेकर व्यापारियों की चिंताओं पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
MDR को लेकर क्या है मौजूदा व्यवस्था?
नए ढांचे के अनुसार 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के निर्धारित person-to-merchant UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन रखी गई है। ₹2,000 तक के व्यापारी UPI भुगतान और व्यक्ति-से-व्यक्ति भुगतान शुल्क-मुक्त रहेंगे। सरकार के मुताबिक लगभग 96 प्रतिशत P2M लेनदेन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे।
सरकार ने यह भी कहा है कि MDR ग्राहक से अलग से वसूलने के लिए नहीं है और बैंकों व भुगतान सेवा प्रदाताओं को इसका बोझ ग्राहकों पर डालने से रोकने के लिए निगरानी की जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक के बाद कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की बात पार्टी की ओर से कही गई। कार्यक्रम में व्यापार प्रकोष्ठ और पार्टी के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा व्यापारी मौजूद रहे।
