लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी की रणनीति सामने रखी। उन्होंने कहा कि पार्टी हर विधानसभा क्षेत्र में अपने वोटों की संख्या 27 हजार बढ़ाने के लक्ष्य के साथ काम करेगी। उनके मुताबिक इसका उद्देश्य भाजपा के वोटों में इतनी ही कमी लाना और उन मतदाताओं को सपा से जोड़ना है।

अखिलेश यादव ने कहा कि चुनावी तैयारियों में तकनीक के इस्तेमाल के साथ जनता से सीधा संपर्क, लोगों को न्याय दिलाने में सहयोग और सभी के साथ सम्मानजनक व्यवहार पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि किसान, युवा और समाज के अन्य वर्ग विभिन्न समस्याओं से प्रभावित हैं।
किसानों के मुद्दे पर सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरा नहीं हुआ और उन्हें फसल का उचित लागत मूल्य नहीं मिला। उन्होंने गन्ना किसानों के भुगतान, चीनी की कीमत और एथेनॉल से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक का आरोप लगाया।
आरक्षण को लेकर अखिलेश यादव ने लेटरल एंट्री और आउटसोर्सिंग जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पीडीए वर्ग से जुड़े अधिकारियों को महत्वपूर्ण तैनाती नहीं दी जा रही है। साथ ही उन्होंने सरकारी नौकरियों में कमी, निवेश और किसानों की जमीन से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।
अयोध्या में जमीन से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए सपा अध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी जमीन का पर्याप्त मूल्य नहीं मिला। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं और आधिकारिक तथ्य अलग से देखे जाने आवश्यक हैं।
अखिलेश यादव ने सामाजिक सौहार्द को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि समाज में सद्भाव और आपसी सम्मान के बिना खुशहाली संभव नहीं है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि समाज में तनाव कम होना चाहिए।
बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाए जाने के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने पार्टी द्वारा तैयार किए गए दस्तावेज का हवाला देते हुए 151 प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाए जाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि इन मामलों में 14 गिरफ्तारियां हुई हैं और कई मामलों में आगे कार्रवाई नहीं हुई। इन आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि रोजमर्रा के इस्तेमाल की कई वस्तुओं की कीमतें बढ़ी हैं। उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार और सार्वजनिक परियोजनाओं में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए।
सपा अध्यक्ष ने भविष्य में पार्टी की सरकार बनने की स्थिति में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल की बात भी कही। उनके अनुसार खेती, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नई तकनीक का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामलों की जांच में भी तकनीक के इस्तेमाल की बात कही।
महिलाओं को लेकर अखिलेश यादव ने सालाना 40 हजार रुपये की पेंशन देने की अपनी पूर्व घोषित योजना का जिक्र किया और कारोबार के लिए दो लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात कही। उन्होंने किसानों के लिए लाभकारी मूल्य, गन्ना किसानों को 24 घंटे में भुगतान और एथेनॉल व चीनी से होने वाले मुनाफे में किसानों की हिस्सेदारी का प्रस्ताव भी रखा। महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये देने की घोषणा वे इससे पहले भी कर चुके हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि सत्ता में आने पर भाजपा सरकार के दौरान दर्ज किए गए कथित फर्जी मुकदमों की समीक्षा कर उन्हें समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सपा आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में संगठन, तकनीक और जनसंपर्क को प्रमुख आधार बनाएगी।
