निगोहां। सई नदी में बांक नाले के जरिए गंदा पानी गिराए जाने के विरोध में रविवार को भंवरेश्वर महादेव मंदिर के पास ग्रामीणों और गौ रक्षक दल के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर प्रदर्शन किया। गौ रक्षक दल के नेता अंशुमान सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समर्थक सई नदी के पुल पर बैठ गए। प्रदर्शन के चलते मौरावां-उन्नाव मार्ग पर करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पीजीआई समेत बड़े अस्पतालों के आसपास से निकलने वाला गंदा पानी बांक नाले के जरिए मोहनलालगंज क्षेत्र से होते हुए मकरहा कुंड तक पहुंचता है और वहां से सीधे सई नदी में गिर रहा है। उनका कहना है कि इससे नदी की स्वच्छता प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों के मुताबिक भंवरेश्वर क्षेत्र में सई नदी का धार्मिक महत्व है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। गणपति विसर्जन के दौरान भी नदी के इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नाले का गंदा पानी नदी में आने से श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन की सूचना पर बछरावां और रायबरेली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर सड़क से हटने का अनुरोध किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। गणपति विसर्जन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं और अन्य राहगीरों की परेशानी को देखते हुए प्रदर्शनकारी बाद में सड़क किनारे चले गए, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका।

धरने में शामिल हरिओम चतुर्वेदी ने प्रशासन से मांग की कि बांक नाले के पानी को सई नदी में गिरने से रोका जाए और इसके निस्तारण की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
वहीं गौ रक्षक दल के नेता अंशुमान सिंह ने कहा कि नदी में गंदा पानी गिरने की समस्या को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने भी प्रदर्शन किया जाएगा।
