मोहनलालगंज, लखनऊ। लगातार हो रही भारी बारिश के बीच मोहनलालगंज विकासखंड क्षेत्र के रामपुर डीघारी गांव में एक किसान परिवार पर आफत टूट पड़ी। बारिश के चलते किसान रुपेश पाल पुत्र जगतपाल का मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मकान के धराशायी होने से कमरे में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन और गृहस्थी का अन्य सामान मलबे में दबकर खराब हो गया।
हादसे के वक्त मकान के अंदर परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। इसके चलते बड़ा हादसा होने से बच गया। मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर सामान बाहर निकालने में जुट गए।
मलबे में दबा गृहस्थी का सामान
पीड़ित परिवार के मुताबिक मकान गिरने से घर में रखा काफी सामान क्षतिग्रस्त हो गया। बारिश के बीच अचानक छत और दीवारें गिरने से परिवार के सामने रहने की समस्या भी खड़ी हो गई है। परिवार ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की मांग की है।
पड़ोसी के मकान की दीवार भी गिरी
इसी घटना में रुपेश पाल के मकान से सटे विमल सिंह पुत्र अनिल सिंह के घर की एक कमरे की दीवार भी गिर गई। दीवार के मलबे की चपेट में आने से कमरे में रखा फ्रिज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए।
अचानक हुए हादसे के बाद दोनों परिवारों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने में परिवारों की मदद की।
सूचना देने के बाद भी राजस्व टीम के नहीं पहुंचने का आरोप
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना की जानकारी तत्काल एसडीएम मोहनलालगंज और क्षेत्रीय लेखपाल को दी गई थी। परिवार को उम्मीद थी कि राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का निरीक्षण करेगी और क्षति का आकलन कर नियमानुसार राहत दिलाने की कार्रवाई करेगी।
परिवार का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद पूरा दिन गुजर गया, लेकिन कोई राजस्व कर्मचारी या संबंधित अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में नाराजगी है।
जनप्रतिनिधियों के नहीं पहुंचने से भी नाराजगी
पीड़ित परिवार का कहना है कि हादसे के बाद उन्हें प्रशासनिक सहायता की उम्मीद थी। ग्रामीणों के मुताबिक घटना की जानकारी के बावजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा नहीं लिया गया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों के घरों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और बारिश से हुए नुकसान का उचित आकलन कर नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाए।
जर्जर मकानों का सर्वे कराने की मांग
लगातार बारिश को देखते हुए ग्रामीणों ने क्षेत्र में कमजोर और जर्जर मकानों का सर्वे कराने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार बारिश के कारण ऐसे मकानों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। समय रहते सर्वे और आवश्यक कार्रवाई होने से किसी बड़े हादसे को टाला जा सकता है।
