लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के आयाम फार्माविजन का 13वां राष्ट्रीय अधिवेशन रविवार को संपन्न हुआ। दो दिवसीय इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आए 779 फार्मेसी विद्यार्थियों ने सहभागिता की। नेपाल के प्रतिनिधिमंडल ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

अधिवेशन के दौरान फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। विद्यार्थियों को फार्मा क्षेत्र में नए अवसरों की जानकारी देने के साथ ही गुणवत्तापूर्ण दवा निर्माण और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रेरित किया गया।

उद्घाटन सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, आर्ब्रो फार्मास्युटिकल ग्रुप के सौरभ अरोड़ा, विश्वविद्यालय के डीन डॉ. वीके सिंह, अभाविप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान, फार्माविजन के राष्ट्रीय संयोजक अपूर्व नन्दी, राष्ट्रीय सह-संयोजक श्रेया वशिष्ठ और अवध प्रांत प्रमुख डॉ. आकाश वेद सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे।

राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में फार्मेसी विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान, कौशल और अनुसंधान को देश की आवश्यकताओं से जोड़ने तथा भारत को वैश्विक फार्मा क्षेत्र में प्रमुख स्थान दिलाने के लिए प्रयास करने का आह्वान किया।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में फार्मेसी क्षेत्र की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान और औषधि निर्माण में गुणवत्ता को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।

विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए शोध और नवाचार

अधिवेशन के दूसरे दिन मॉडल एवं पोस्टर प्रेजेंटेशन, फार्माप्रेन्योर, फार्मासिस्ट काउंसलर, यूथ पार्लियामेंट और फार्माथॉन जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें विद्यार्थियों ने शोध, उद्यमिता, स्वास्थ्य व्यवस्था और फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े विषयों पर अपने विचार और नवाचार प्रस्तुत किए।

इसके साथ ही जोनवार बैठकों में फार्माविजन की आगामी गतिविधियों और देशभर में संगठनात्मक कार्यक्रमों के विस्तार की योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

फार्माविजन के राष्ट्रीय संयोजक अपूर्व नन्दी ने कहा कि संगठन फार्मेसी विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा से आगे बढ़कर अनुसंधान, सामाजिक जागरूकता और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रेरित करता है।

समापन सत्र में युवाओं की भूमिका पर जोर

समापन सत्र में उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के कौशल विकास और फार्मेसी क्षेत्र के प्रति जिम्मेदारी विकसित करने में ऐसे आयोजनों को उपयोगी बताया। अभाविप के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री देबदत्त जोशी ने कहा कि युवाओं को व्यक्तिगत विकास के साथ राष्ट्र निर्माण में भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने फार्मेसी क्षेत्र को दवा निर्माण एवं वितरण के अलावा अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता, स्वास्थ्य सेवा और जनजागरूकता से जुड़ा व्यापक क्षेत्र बताया।

आयोजकों के अनुसार, अधिवेशन विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, संवाद, कौशल विकास और नवाचार का साझा मंच बना। कार्यक्रम में फार्मेसी क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा के साथ विद्यार्थियों को देश की स्वास्थ्य व्यवस्था और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

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