मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज क्षेत्र से होकर गुजरने वाली सई नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों के किसानों की चिंता बढ़ गई है। नदी का पानी आसपास के खेतों में पहुंचने से सैकड़ों बीघे में खड़ी धान की फसल जलमग्न हो गई है। खेतों में लगातार पानी जमा रहने के कारण फसल खराब होने की आशंका बनी हुई है।

निगोहां क्षेत्र के रंजीत खेड़ा गांव में ही तीन दर्जन से अधिक किसानों के खेत पानी की चपेट में बताए जा रहे हैं। किसानों के मुताबिक धान की फसल तैयार होने की स्थिति में थी, लेकिन अचानक नदी का पानी बढ़ने से खेतों में भर गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो तैयार फसल को भारी नुकसान हो सकता है।

सई नदी के बढ़े जलस्तर का असर रंजीत खेड़ा के अलावा जवाहर खेड़ा, चिरानी खेड़ा, मीरानपुर, बरबलिया समेत आसपास के कई गांवों में भी दिखाई दे रहा है। नदी से सटे खेतों में पानी भरने के कारण किसानों की धान की फसल प्रभावित हुई है।

किसानों का कहना है कि धान की फसल उनके परिवार की आय का प्रमुख जरिया है। ऐसे में फसल बर्बाद होने पर उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। ग्रामीणों के मुताबिक खेतों से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है और लंबे समय तक जलभराव रहने से फसल के खराब होने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित गांवों का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि राजस्व और कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करे और जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए।

किसानों ने फसल क्षति का सर्वे कराकर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की भी मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते पानी की निकासी नहीं कराई गई तो नुकसान का दायरा और बढ़ सकता है।

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