मोहनलालगंज, लखनऊ। ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत पुलिस और अभियोजन पक्ष की पैरवी के बाद पॉक्सो एवं दुष्कर्म के एक मामले में अदालत ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 53 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
पुलिस के अनुसार, 25 अक्टूबर 2024 को पीड़िता की शिकायत के आधार पर मोहनलालगंज थाने में मैकूलाल पुत्र डल्ला प्रसाद निवासी मोहनलालखेड़ा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद 14 नवंबर 2024 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई लखनऊ स्थित विशेष पॉक्सो न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से की गई पैरवी और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर 1 अक्टूबर 2026 को अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार दिया और उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा 53 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, एसीपी राजेश कुमार सिंह के निर्देशन में मामले की पैरवी प्रभारी निरीक्षक रामबाबू सिंह और पैरोकार कांस्टेबल सुनील कुमार ने की।
पुलिस का कहना है कि ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत गंभीर आपराधिक मामलों में विवेचना पूरी करने के साथ न्यायालय में प्रभावी पैरवी पर जोर दिया जा रहा है, ताकि दोष सिद्ध होने वाले मामलों में नियमानुसार सजा सुनिश्चित हो सके।
