मोहनलालगंज, लखनऊ। अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समाधान को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। लखनऊ जिला शाखा की ओर से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 3 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक आंदोलन का कार्यक्रम जारी किया गया है। संघ का कहना है कि लंबे समय से मांगें लंबित होने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लेखपालों में नाराजगी है।
संघ के घोषित कार्यक्रम के अनुसार 8 अक्टूबर से लेखपाल आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों से जुड़े ऑनलाइन कार्यों के साथ वरासत रिपोर्ट, फार्मर रजिस्ट्रेशन और विभिन्न सत्यापन कार्यों का बहिष्कार करेंगे। इससे इन सेवाओं से जुड़े आवेदनों के निस्तारण में देरी होने की संभावना है।
आंदोलन की शुरुआत 3 अक्टूबर को संपूर्ण समाधान दिवस के बहिष्कार और धरने से होगी। इसके बाद 10 अक्टूबर को लेखपाल काली पट्टी बांधकर थाना दिवस में कार्य करेंगे, जबकि 12 अक्टूबर को रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। 14 अक्टूबर को मोटरसाइकिल रैली निकालकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
संघ के मुताबिक 17 से 23 अक्टूबर तक तहसील मुख्यालयों पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक पूर्ण कार्य बहिष्कार और धरना दिया जाएगा। वहीं 24 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर लेखपाल कार्य बहिष्कार करेंगे। आंदोलन के कारण राजस्व विभाग से संबंधित रिपोर्ट, सत्यापन, वरासत समेत अन्य कार्यों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
लेखपाल संघ की प्रमुख मांगों में 2800 रुपये ग्रेड-पे लागू करना, वेतन विसंगतियों का निराकरण, अंतरमंडलीय स्थानांतरण की व्यवस्था, पदोन्नति, विभिन्न भत्तों में वृद्धि और नवनियुक्त लेखपालों का स्थायीकरण शामिल है।
संघ के जिलाध्यक्ष विश्वनाथ प्रताप सिंह और जिलामंत्री कुलदीप सिंह यादव ने शासन और प्रशासन से मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। संघ का कहना है कि मांगों के समाधान के लिए ही चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता अपनाया गया है।
