मोहनलालगंज, लखनऊ। आठ सूत्रीय मांगों के समर्थन में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की लखनऊ इकाई के आह्वान पर शनिवार को मोहनलालगंज तहसील के लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया। लेखपाल तहसील परिसर में धरने पर बैठे और शासन व राजस्व परिषद से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। कार्य बहिष्कार के कारण कुछ राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हुए, वहीं तहसील पहुंचे फरियादियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
संघ अध्यक्ष अमरीष और महामंत्री विकास दीक्षित के नेतृत्व में लेखपालों ने धरना दिया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो 17 अक्टूबर 2026 से चरणबद्ध आंदोलन के साथ संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
वेतनमान और पदोन्नति सहित कई मांगें
लेखपाल संघ का कहना है कि राजस्व कार्यों के साथ ऑनलाइन सेवाओं, ई-गवर्नेंस, वरासत, नामांतरण, पैमाइश, अभिलेखों के रखरखाव, आपदा प्रबंधन और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्यों का भी जिम्मा लेखपालों पर है। संगठन का दावा है कि बढ़ते कार्यभार के बावजूद कई मूलभूत मांगें लंबे समय से लंबित हैं।
संघ ने प्रारंभिक वेतनमान लेवल-5 यानी 2800 ग्रेड पे किए जाने और वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग दोहराई। संगठन के अनुसार इस संबंध में पहले भी शासन को पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
स्थानांतरण और पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने की मांग
लेखपालों ने अंतर्मंडलीय स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू किए जाने की भी मांग उठाई। संगठन के मुताबिक वर्ष 2025 में स्थानांतरण के लिए करीब 2669 लेखपालों से आवेदन लिए गए थे, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। संघ का दावा है कि बड़ी संख्या में लेखपाल अभी भी अपने गृह जनपद या गृह मंडल से दूर तैनात हैं।
इसके अलावा चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची जारी करने की मांग भी की गई। संगठन का कहना है कि विभागीय पदोन्नति समिति की कार्यवाही पूरी होने के बावजूद सूची जारी नहीं हुई है।
नवनियुक्त लेखपालों के स्थायीकरण और भत्तों का मुद्दा
संघ ने वर्ष 2024 में नियुक्त लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा के परिणाम और प्रमाणपत्र जारी करने तथा उनका स्थायीकरण जल्द किए जाने की मांग की। इसके साथ ही स्टेशनरी भत्ता, वाहन भत्ता और विशेष भत्ते में वृद्धि की मांग भी रखी गई।
लेखपालों ने भूलेख कार्यालयों और अन्य पटलों पर संबद्ध कर्मचारियों को मूल कार्य पर वापस भेजने की मांग की। उनका कहना है कि अतिरिक्त जिम्मेदारियां दिए जाने से नियमित राजस्व कार्य प्रभावित होते हैं।
ग्राम सचिवालयों में सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग
संघ ने ग्राम सचिवालयों में रोस्टर व्यवस्था लागू करने से पहले आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। संगठन के अनुसार कई स्थानों पर बैठने की व्यवस्था, अभिलेख रखने की सुविधा, कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। कई गांवों का दायित्व एक ही लेखपाल के पास होने से भी कार्य प्रभावित होने की बात कही गई।
ज्ञापन में 20 अगस्त 2026 को सोहावल तहसील, अयोध्या में लेखपाल उत्कर्षदीप से संबंधित एंटी करप्शन ट्रैप का भी उल्लेख किया गया। संघ ने इस घटना के बाद कर्मचारियों में उत्पन्न चिंता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग
लेखपाल संघ ने पद को तकनीकी पद घोषित करने के साथ काम की प्रकृति के अनुसार लैपटॉप, मोबाइल और अन्य आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की। संगठन का कहना है कि मौजूदा समय में लेखपालों से बड़ी संख्या में ऑनलाइन और डिजिटल कार्य लिए जा रहे हैं, इसलिए पर्याप्त तकनीकी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
संघ ने कहा कि मांगों पर समय रहते निर्णय नहीं हुआ तो 17 अक्टूबर से आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। संगठन के मुताबिक इससे वरासत, नामांतरण, पैमाइश और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के निस्तारण पर असर पड़ सकता है। लेखपालों ने शासन और राजस्व परिषद से वार्ता के माध्यम से समस्याओं का समाधान किए जाने की उम्मीद जताई है।
