पीजीआई, लखनऊ। वृंदावन डिवीजन के रजनीखंड विद्युत उपकेंद्र में तैनात संविदा लाइनमैन अभिषेक मिश्रा शनिवार को विद्युत कार्य के दौरान हादसे में घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें तत्काल गोविंद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद संविदा कर्मचारियों से कार्य कराने के तरीके और उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक नए ट्रांसफार्मर को चार्ज करने के कार्य के दौरान अभिषेक मिश्रा को रतनखंड पावर हाउस से संचालित एल्डिको फीडर पर भेजे जाने की बात सामने आई है। इसी दौरान वह दुर्घटना में घायल हो गए। वहीं, ठेकेदार की ओर से अवर अभियंता को 12 हजार रुपये दिए जाने संबंधी आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इस रकम और कार्य आवंटन से जुड़े आरोपों की फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

घटना की जानकारी मिलने पर विद्युत कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे और घायल कर्मचारी का हालचाल लिया। संगठन के जिला संगठन मंत्री दिलीप शर्मा ने अभिषेक मिश्रा से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कर्मचारियों से किसी भी समस्या की जानकारी संगठन के पदाधिकारियों को देने की अपील की।
हादसे के बाद कर्मचारियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि रजनीखंड उपकेंद्र में तैनात संविदा कर्मचारी को दूसरे पावर हाउस से जुड़े फीडर पर किस आधार पर कार्य के लिए भेजा गया। साथ ही, काम के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों और जरूरी सावधानियों का कितना पालन किया गया, इसे लेकर भी चर्चा है।
कर्मचारी संगठन ने संविदा कर्मियों से विद्युत कार्य लेते समय उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देने और कार्य आवंटन की व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों से काम लेने के साथ उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित होनी चाहिए।
अब विभागीय स्तर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हादसे के कारणों की जांच में क्या सामने आता है और भविष्य में ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए कार्य आवंटन तथा सुरक्षा व्यवस्था में क्या सुधार किए जाते हैं।
