लखनऊ। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद लखनऊ के प्रभावित इलाकों में जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। रविवार को जिलाधिकारी विशाख जी. और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने बरावन कला, सैथा, जेहटा, माल रोड और फैजुल्लागंज समेत कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रभावित लोगों की सुरक्षा को ध्याम में रखते हुए राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षित शिफ्टिंग पर जोर
ग्राम सैथा में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट को गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। प्रभावित लोगों के आवागमन और रेस्क्यू के लिए 10 नावों की व्यवस्था करने को कहा गया है।

राहत शिविरों में स्वास्थ्य सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जरूरतमंद लोगों तक आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त मेडिकल किट तैयार रखने के निर्देश दिए।
नाव से घरों तक पहुंचाई जा रही राहत सामग्री
जिलाधिकारी विशाख जी. अय्यर के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में सुबह से ही प्रशासनिक टीमें सक्रिय हैं। नावों के जरिए प्रभावित परिवारों तक राहत किट पहुंचाई जा रही है। जरूरतमंदों के लिए भोजन और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के साथ पशुओं के लिए भूसा और चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
फैजुल्लागंज में नाव से निरीक्षण
फैजुल्लागंज क्षेत्र में जिलाधिकारी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने नाव से प्रभावित बस्तियों का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर राहत व्यवस्था और उनकी जरूरतों की जानकारी ली।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही दाऊद नगर में अतिरिक्त कंट्रोल रूम स्थापित करने को कहा गया है, ताकि प्रभावित नागरिकों की शिकायतों और जरूरतों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
जिला प्रशासन ने अधिकारियों को गोमती नदी के जलस्तर और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मौके पर मौजूद रहकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करने को कहा गया है।
