मोहनलालगंज, लखनऊ। नगर पंचायत मऊ में चल रहे पांच दिवसीय श्रीकृष्ण लीला महोत्सव में शनिवार की रात भक्ति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। जय मां दुर्गे श्रीकृष्ण लीला समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के तीसरे दिन कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़े प्रसंगों और बाल्यकाल की लीलाओं को मंच पर जीवंत किया। कार्यक्रम की शुरुआत रात नौ बजे भगवान गणेश, बालाजी महाराज और मां दुर्गा की आरती के साथ हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की और जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।
बालकृष्ण की लीलाओं का हुआ सजीव चित्रण
बाल लीलाओं में भगवान बलराम के जन्म, पूतना वध और तृणावर्त वध जैसे प्रख्यात प्रसंगों का मंचन किया गया। जिसने सबका दिल जीत लिया। इसके साथ ही भगवान शिव द्वारा बालकृष्ण के दर्शन करने की लीला भी प्रस्तुत की गई। मंच पर कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को आकर्षित किया और पूरा वातावरण कृष्णमय हो उठा।
धार्मिक प्रसंगों से दिया सदाचार का संदेश
लीला के दौरान माहौल भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु टकटकी लगाए सभी प्रस्तुतियां देखते रहे। कलाकारों ने इस मंचन के माध्यम से आस्था, धर्म और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने धार्मिक मंचन का आनंद लिया और भक्ति भाव के साथ आयोजन में सहभागिता की।
दो दिन और चलेंगी धार्मिक प्रस्तुतियां
जय मां दुर्गे श्रीकृष्ण लीला समिति की ओर से आयोजित यह महोत्सव क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। पांच दिवसीय कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों का मंचन किया जा रहा है। शनिवार को तीसरे दिन की प्रस्तुतियां संपन्न हुईं। आयोजन के आगामी दो दिनों में भी श्रीकृष्ण की लीलाओं का मंचन जारी रहेगा, जिससे क्षेत्र के श्रद्धालुओं को धार्मिक कथाओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
