Lucknow: लखनऊ के रहमानखेड़ा इलाके में पिछले 25 दिनों से बाघ की मौजूदगी ने दहशत फैला रखी है। अब शहर में तेंदुए की एंट्री ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। शुक्रवार को बाघ ने बेहता नाले के किनारे एक और वनरोज का शिकार कर लिया। इससे पहले वह एक वनरोज और पांच अन्य जानवरों का शिकार कर चुका है।

बाघ के पगचिह्न और दहाड़ से डर का माहौल:-
शुक्रवार को भटऊ जमालपुर और शाहपुर गांव में बाघ की दहाड़ सुनकर खेतों में पानी लगा रहे किसान अपनी जान बचाकर भागे। लहसुन और सरसों के खेतों में बाघ के पगचिह्न मिले, जिससे उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई। अलग-अलग जगहों पर बाघ के पगचिह्न शुक्रवार को भी देखे गए।

वन विभाग की निगरानी और प्रयास:-
वन अधिकारी (DFO) सितांशु पांडेय ने बताया कि बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 27 जगहों पर ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा, थर्मल ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। बृहस्पतिवार रात करीब तीन बजे ट्रैप कैमरे में बाघ की तस्वीर कैद हुई। जंगल में दो स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं, और दुधवा टाइगर रिजर्व से एक ट्रांसपोर्टेशन पिंजरा मंगवाया गया है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहा। निगरानी के लिए बनाए गए मचान पर टीम अक्सर अनुपस्थित रहती है।

स्पोर्ट्स कॉलेज में तेंदुआ देखे जाने से हड़कंप:-
गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में तेंदुए को लेकर खौफ का माहौल है। मंगलवार शाम हॉकी खिलाड़ियों ने तेंदुए को वीआईपी गेस्ट हाउस से तरणताल क्षेत्र तक चहलकदमी करते हुए देखा। इसके पहले भी एक टेंट हाउस कर्मचारी ने तेंदुए को देखने की सूचना दी थी।

कॉलेज प्रशासन ने खिलाड़ियों और स्टाफ को सतर्क रहने का नोटिस जारी किया है। प्राचार्य अजय सेठी ने बताया कि वन विभाग को इस बारे में सूचित किया गया है। डीएफओ सितांशु पांडेय ने कहा कि जांच के दौरान कॉलेज परिसर में तेंदुए के पगचिह्न नहीं मिले हैं। एहतियात के तौर पर अगले तीन दिनों तक पेट्रोलिंग टीम तैनात की गई है। बाघ और तेंदुए की लगातार गतिविधियों ने ग्रामीणों और शहरी निवासियों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। वन विभाग की टीमें निगरानी और सुरक्षा के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन स्थानीय लोग त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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