Union Budget 2025 : संसद का बजट सत्र आज, 31 जनवरी से शुरू हो गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण की शुरुआत महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दौरान हुए हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए की। साथ ही, उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार महिलाओं, किसानों और युवाओं को प्राथमिकता देते हुए कई योजनाओं को लागू कर रही है।

महिलाओं और गरीबों के लिए नई योजनाएँ:-
राष्ट्रपति ने बताया कि सरकार “वुमन लेड डेवलपमेंट” यानी महिलाओं के नेतृत्व में देश को सशक्त बनाने के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीन करोड़ और परिवारों को घर देने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष” अभियान के तहत पांच करोड़ आदिवासियों को लाभ पहुँचाने की पहल की गई है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के छह करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा देने की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। डिजिटल पेमेंट सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण इलाकों तक किया गया है, जिससे बैंकिंग सेवाओं की पहुँच आसान हुई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 91 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों को सशक्त किया जा रहा है। सरकार ने “इंडिया एआई मिशन” शुरू किया है, जिससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत की भागीदारी बढ़ेगी। इसके अलावा, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जा रहा है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी:-
राष्ट्रपति मुर्मू ने बताया कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना पूरी हो गई है, जिससे कश्मीर से कन्याकुमारी तक रेलवे कनेक्टिविटी संभव हो सकेगी। साइबर सुरक्षा को लेकर भी सरकार लगातार काम कर रही है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ा गया है। साथ ही, समाज के पिछड़े वर्गों और सफाई कर्मचारियों के लिए पीएम सूरज योजना का विस्तार किया गया है।

पूर्वोत्तर और जनजातीय विकास:-
उत्तर-पूर्वी राज्यों की संभावनाओं को उजागर करने के लिए अष्टलक्ष्मी महोत्सव का आयोजन किया गया है। आदिवासी समाज की स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए विशेष राष्ट्रीय मिशन चलाया जा रहा है। 770 से अधिक एकलव्य विद्यालयों में आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जा रही है, साथ ही 30 नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं। राष्ट्रपति ने बताया कि सरकार किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम दिलाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए कार्यरत है। अनाज का उत्पादन 332 मिलियन टन तक पहुँच गया है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय मिशन शुरू किया गया है, और 2000 करोड़ रुपये की लागत से “मिशन मौसम” का शुभारंभ किया गया है। दलित, वंचित और आदिवासी समुदायों के उत्थान के लिए सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है। सरकार ने सहकारी सेक्टर को मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

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