UP: अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर आंदोलन की अहम किरदार रहीं साध्वी ऋतंभरा ने सनातन बोर्ड के गठन की वकालत की है। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण विषय है, क्योंकि वक्फ बोर्ड ने भूमि पर कब्जा करने की साजिश रची थी, जिसे विफल करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ कई षड्यंत्र हुए हैं, लेकिन शक्ति व मंत्र से वे सभी विफल हो जाते हैं।

धर्म कार्यों में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए:-
साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि धर्म से जुड़े कार्यों में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। नीतियां हमेशा प्रभावी नहीं होतीं, बल्कि व्यक्ति की नीयत ही मुख्य भूमिका निभाती है। उन्होंने याद दिलाया कि हमने एक नारा दिया था – “अयोध्या, मथुरा, काशी विश्वनाथ – तीनों लेंगे एक साथ।” आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन चुका है, और अन्य चरणों का कार्य प्रगति पर है। यह कभी कल्पना भी नहीं थी कि राम मंदिर का निर्माण संभव होगा, लेकिन आज यह एक वास्तविकता है।

500 साल बाद मिले रामलला के दर्शन:-
साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष के बाद आज भव्य राम मंदिर में श्रीरामलला के दर्शन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि काशी और मथुरा को लेकर भी हमारी कानूनी लड़ाई जारी है, और हमें वहां भी अपना अधिकार प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि मंदिरों में लगे पत्थर स्वयं अपनी कहानी बयां कर रहे हैं।

महाकुंभ पर सीएम योगी का जवाब:-
महाकुंभ को लेकर हो रही राजनीतिक बयानबाजी पर साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सही कहा कि – “जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी।” उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को महाकुंभ में सिर्फ नकारात्मकता दिखती है, लेकिन यह आयोजन भारत की एकता और समर्पण का प्रतीक है। जातिगत भेदभाव की दीवारें टूट रही हैं, और पूरा देश एक साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सभी को अपनी मातृभाषा में बात करनी चाहिए और “हिंदी, हिंदू, हिन्दुस्तान” सदैव सर्वोपरि रहेगा। भारत अब जाग चुका है और किसी भी राजनीतिक दल या जातिवादी मानसिकता से विभाजित नहीं होगा। हम सभी एक हैं और हमेशा एक रहेंगे।

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