UP: क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन और बहनोई के नाम पर मनरेगा मजदूर के रूप में पंजीकरण और उनके खाते में मजदूरी की राशि आने के मामले में प्रशासन ने वसूली करने का फैसला किया है। डीसी मनरेगा अमरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, जोया ब्लॉक के पलौला गांव में हुई इस गड़बड़ी की रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।

प्रशासन की सख्ती, नोटिस और रिकवरी की तैयारी:-
डीएम निधि गुप्ता वत्स ने इस मामले की जांच के आदेश दिए थे, जिसमें खुलासा हुआ कि ग्राम प्रधान गुले आयशा के परिवार ने फर्जीवाड़ा कर मनरेगा मजदूरी का लाभ उठाया। जांच के बाद डीएम के निर्देश पर दोषियों को नोटिस जारी कर रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

शमी के रिश्तेदारों ने हासिल की लाखों की मजदूरी:-
मोहम्मद शमी की बहन शबीना, उनके पति गजनबी और परिवार के अन्य सदस्यों ने मनरेगा मजदूरी के रूप में बड़ी रकम हासिल की। जांच में सामने आया कि –

शबीना – ₹71,013

गजनबी – ₹66,561

देवर शेखू – ₹55,312

नसरुद्दीन – ₹71,704

आमिर सुहेल – ₹63,851

ननद नेहा – ₹55,867

सरिया – ₹54,645

सबा रानी – ₹17,020

कुल मिलाकर, परिवार के 8 सदस्यों ने ₹4.55 लाख की अवैध मजदूरी प्राप्त की, जबकि 12 से अधिक अन्य लोगों के शामिल होने की बात सामने आई, जिनमें कुछ विदेश में रहने वाले लोग भी हैं।

जॉब कार्ड 2021 में बने, 2024 में निरस्त:-
अधिकारियों के अनुसार, जनवरी 2021 में पंचायतों में प्रशासक नियुक्ति के दौरान प्रधान के परिवार के लोगों के नाम से जॉब कार्ड बनाए गए थे। तीन साल तक इन खातों में मजदूरी आती रही। मामला उजागर होने के बाद 2024 में इन जॉब कार्ड को निरस्त कर दिया गया। हालांकि, ग्राम प्रधान गुले आयशा की तीन बेटियों के कार्ड पहले निरस्त नहीं किए गए थे, लेकिन घोटाला सामने आने के बाद अब उन्हें भी रद्द कर दिया गया है। जांच टीम ने पलौला गांव में ग्रामीणों के बयान दर्ज किए हैं। प्रशासन के अनुसार, दोषियों को नोटिस जारी कर रिकवरी की जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

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