Lucknow: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर देश के सभी श्रमिकों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब सरकारों का झुकाव व्यापार और लाभ की ओर अधिक है, ऐसे में मेहनतकश लोगों के योगदान को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। इसके चलते मजदूरों के शोषण की स्थिति बनी हुई है और यही वजह है कि मजदूर दिवस की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई है।

मायावती ने कहा कि आधुनिकता के इस युग में भी श्रमिकों की दशा में खास सुधार नहीं आया है। चाहे खेतों में काम हो, निर्माण स्थल हो या फैक्ट्रियों में पसीना बहाने का मामला – हर जगह मजदूरों को उनके हक और सम्मान से वंचित रखा जा रहा है। ऐसे में मजदूर दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि उनके संघर्ष और बलिदान को याद करने का दिन है।
सरकारें निभाएं संवैधानिक जिम्मेदारियां
मायावती ने खास तौर पर महिला श्रमिकों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखें। उन्होंने सभी सरकारों से अपील की कि वे श्रमिकों के प्रति अपने संवैधानिक दायित्वों का पालन पूरी निष्ठा के साथ करें।
ज्ञात हो कि अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस हर साल 1 मई को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1886 में अमेरिका के शिकागो में उस समय हुई थी जब काम के घंटे तय करने और बेहतर श्रम कानूनों की मांग को लेकर मजदूर आंदोलन पर उतर आए थे। तभी से यह दिन दुनिया भर में मेहनतकश लोगों के संघर्ष और सम्मान का प्रतीक बन चुका है। बसपा भी लंबे समय से गरीब, दलित, पिछड़े और मजदूर वर्ग की आवाज़ उठाती रही है।
