Lucknow: गुरुवार को देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ एक दिन के दौरे पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंचे। उन्होंने जानकीपुरम स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (AKTU) में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘चुनौतियां मुझे पसंद हैं’ का औपचारिक विमोचन किया गया। इस खास मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र सहित राज्य सरकार के कई कैबिनेट मंत्री भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्वामी चिदानंद सरस्वती की भी उपस्थिति रही।
एयरफोर्स स्टेशन पर हुआ स्वागत:
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बक्शी का तालाब स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर उपराष्ट्रपति का स्वागत किया। इसके बाद वे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे जहां उपराष्ट्रपति ने समारोह का उद्घाटन किया और पुस्तक का विमोचन किया।
आनंदीबेन सिर्फ नाम नहीं, व्यक्तित्व की मिसाल हैं – उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने संबोधन में कहा कि आनंदीबेन पटेल एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व हैं। उन्होंने कहा, “वह केवल शिक्षक या मुख्यमंत्री नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने समाज सेवा और नेतृत्व में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके जीवन पर आधारित पुस्तक का विमोचन श्रमिक दिवस और राज्य स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण दिन पर होना अत्यंत सार्थक है।” धनखड़ ने हँसी में कहा, “आनंदीबेन जितनी सरल दिखाई देती हैं, वास्तव में उतनी सरल नहीं हैं।”
उत्तर प्रदेश की प्रगति पर की सराहना:-
उपराष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश की प्रगति की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यूपी को अब ‘उत्तम प्रदेश’ कहा जाना चाहिए। पिछले आठ वर्षों में यहां उल्लेखनीय बदलाव आया है, चाहे वो आर्थिक प्रगति हो, एक्सप्रेसवे का जाल हो या मेट्रो नेटवर्क। बिना अतिरिक्त टैक्स के राज्य की अर्थव्यवस्था को 12 लाख करोड़ से बढ़ाकर 30 लाख करोड़ करना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रयागराज कुंभ जैसा आयोजन, जिसमें 60 करोड़ से ज्यादा लोगों ने भाग लिया, सदियों तक याद रखा जाएगा।
