UP Crime: फिरोजाबाद जिले के टूंडला क्षेत्र के टिकरी गांव में रविवार को जमीन विवाद ने खूनी रूप ले लिया। गांव के ही कुछ लोगों ने दिनदहाड़े पूर्व प्रधान अरविंद यादव और उनके बेटे नितिन यादव की फावड़े से हमला कर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मृतक पूर्व प्रधान, इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक धर्मेंद्र यादव के चाचा थे।

पुराना विवाद बना जानलेवा:
अरविंद यादव का गांव के ही हुब्बलाल यादव से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। यह मामला तहसील न्यायालय में विचाराधीन था। 20 मई को तहसील प्रशासन और पुलिस ने मिलकर जमीन की नाप कर कब्जा अरविंद यादव को दिलवाया था। रविवार शाम अरविंद यादव अपने बेटे नितिन (27) के साथ खेत जुतवाने गए थे, तभी हुब्बलाल और उसके साथियों ने हमला कर दिया। फावड़े से सिर और गर्दन पर वार किए गए, जिससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई।

बैकग्राउंड: 15 साल पुराना जमीनी विवाद
करीब 15 साल पहले साहब सिंह यादव ने अपने दो बेटों हुब्बलाल और देवेंद्र से परेशान होकर अपनी 14 बीघा जमीन अरविंद यादव को बेच दी थी। इसके बाद वह अपने अन्य दो बेटों के साथ गांव छोड़ गए थे। जमीन बिक्री से नाराज़ हुब्बलाल पक्ष ने अरविंद यादव को कभी खेती नहीं करने दी। बार-बार पुलिस की मदद लेने के बावजूद वे विरोध करते रहे।
पहली बार जोतने पहुंचे तो कर दी हत्या
20 मई को प्रशासन की मदद से अरविंद यादव को जमीन पर कब्जा दिलाया गया था। रविवार को वे पहली बार खेत जोतने पहुंचे थे। इसी दौरान विरोधियों ने हमला कर उनकी जान ले ली।
गांव में तनाव, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है। किसी ग्रामीण ने हत्या के समय हस्तक्षेप नहीं किया। डर का आलम यह है कि लोग खुलकर बयान तक नहीं दे रहे। पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें बनाई गई हैं और मामले की गहन जांच चल रही है। मृतक नितिन यादव की शादी फरवरी 2025 में हुई थी। बेटे और पति की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में सन्नाटा पसरा है और किसी को बोलने की हिम्मत नहीं हो रही।
