बहराइच: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के तहत बहराइच जिले के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में अवैध रूप से बने चार मजारों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलवा दिया। इनमें लक्कड़ शाह बाबा की लगभग 700 साल पुरानी मजार भी शामिल थी।
क्या है मामला?
वन विभाग की टीम ने बताया कि मजारें कोर फॉरेस्ट जोन की जमीन पर अवैध तरीके से बनाई गई थीं। पूर्व में मजार समिति को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन दस्तावेज़ न मिलने पर 8 जून की रात कार्रवाई की गई। इन मजारों में लक्कड़ शाह, भंवर शाह, चमन शाह और शहंशाह बाबा की मजारें शामिल थीं।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
स्थानीय लोगों के अनुसार, लक्कड़ शाह बाबा की मजार पर हर साल मेला लगता था, जहां हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदाय श्रद्धा से आते थे। मजार समिति के अध्यक्ष ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि यह स्थान सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक था।
कानून और प्रशासन की दलील
वन विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई वन संरक्षण अधिनियम 1980 और भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत की गई। वन क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण गैरकानूनी है और यह आदेश कोर्ट के निर्देशों के अनुसार हुआ। कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी प्रकार की अशांति न हो। प्रशासन ने क्षेत्र में अलर्ट घोषित कर दिया है। भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों में यह पहली कार्रवाई नहीं है। अब तक करीब 350 से ज्यादा अवैध धार्मिक ढांचे हटाए जा चुके हैं। सरकार इस तरह के अतिक्रमण पर सख्त रुख अपना चुकी है।
