Lucknow: लखनऊ विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर रविकांत चंदन द्वारा आरएसएस पर की गई टिप्पणी ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे पर अब बहस तेज हो गई है और अब छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) भी सक्रिय हो गया है।
मातृशक्ति को त्रिशूल और तलवार की दीक्षा संघ आत्मरक्षा और स्वाभिमान की रक्षा के लिए सिखाती है। दुष्टों से अपने शील के रक्षा के लिए सती नहीं उसका अंत करना प्रेरणा है।प्रोफेसर को कुतर्क शोभा नहीं देता कुत्सित मानसिकता का प्रतिबिंब है @RSSorg @lkouniv @myogiadityanath @narendramodi https://t.co/QhrylZxeEQ
— Manjula Upadhyay (@manjulaeco) June 14, 2025
प्रो. रविकांत की टिप्पणी पर एबीवीपी की प्रांत अध्यक्ष और नवयुग महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. मंजुला उपाध्याय ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, मातृशक्ति को त्रिशूल और तलवार की दीक्षा संघ आत्मरक्षा और स्वाभिमान की रक्षा के लिए देता है। दुष्टों से अपने शील की रक्षा के लिए प्रेरणा सती नहीं, उनका अंत करना है। प्रोफेसर का कुतर्क उनकी विकृत मानसिकता को दर्शाता है।
क्या पूरा मामला:-
बतादें प्रोफेसर रविकांत ने शुक्रवार को फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि, सोनम और मुस्कान जैसी लड़कियां RSS की सोच की उपज हैं। इस टिप्पणी के बाद छात्र नेता कार्तिक पांडे ने इसका विरोध करते हुए उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।
