बलरामपुर: धार्मिक चोला ओढ़कर फर्जीवाड़ा करने वाले कथित बाबा छांगुर के खिलाफ देशभर में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अब इस्लामी विद्वानों ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एक बड़ी पहल में उत्तर प्रदेश के प्रमुख इस्लामिक शिक्षण संस्थानों से जुड़े मौलानाओं ने छांगुर बाबा की गतिविधियों को इस्लाम विरोधी करार देते हुए उनके खिलाफ फतवा जारी किया है।
दारुल उलूम देवबंद से जुड़े वरिष्ठ मौलाना रहमान कासमी ने कहा,“छांगुर बाबा जिस तरह से लोगों को गुमराह कर रहे हैं, वह इस्लाम के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। उनकी हरकतें न सिर्फ इस्लाम के नाम पर कलंक हैं, बल्कि पूरे समाज को शर्मसार करने वाली हैं।” उन्होंने यह भी साफ किया कि धर्मांतरण के नाम पर धोखा, झूठे चमत्कार और धन एकत्रित करना शरीयत के खिलाफ है और ऐसे किसी भी व्यक्ति का समर्थन नहीं किया जा सकता।
क्या है मामला?
छांगुर बाबा पर आरोप है कि उन्होंने धर्म के नाम पर झूठे चमत्कारों और कथित आध्यात्मिक इलाज के जरिए लोगों को बहलाया और धर्म परिवर्तन तक के लिए मजबूर किया। ईडी और पुलिस की जांच में उनके पास से भारी संपत्ति, विदेशी लेन-देन और अवैध गतिविधियों के सुराग भी मिले हैं।
ED और ATS की कार्रवाई
बलरामपुर से लेकर मुंबई तक छांगुर बाबा के 14 ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की है। तहखानों से कथित रूप से ‘धार्मिक ट्रेनिंग’ के नाम पर संदेहास्पद गतिविधियां चलती थीं। सूत्रों के अनुसार, इन तहखानों में धर्मांतरण के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाती थी और दुबई से कुछ संदिग्धों के आने की भी जानकारी है।
मुस्लिम संगठनों की अपील
देशभर के मुस्लिम संगठनों ने एक सुर में सरकार से मांग की है कि छांगुर बाबा के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और ऐसे व्यक्तियों से इस्लाम को बदनाम करने की साजिशों पर रोक लगाई जाए।
