नई दिल्ली: राजनीतिक गलियारों में एक बड़ी हलचल मचाते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) ने विपक्षी INDIA गठबंधन से आधिकारिक तौर पर किनारा कर लिया है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में “अपने दम पर” मैदान में उतरेगी। AAP के इस फैसले ने विपक्षी एकता के दावों को बड़ा झटका दिया है।
केजरीवाल का एलान –
दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा “हम अब किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। AAP जनता की आवाज़ है और हम अपने रास्ते पर अकेले चलना बेहतर समझते हैं। अब हमारा फोकस अपने एजेंडे और अपने उम्मीदवारों पर रहेगा।”
क्यों टूटा गठबंधन?
AAP के नेताओं का कहना है कि INDIA गठबंधन में सामंजस्य की कमी थी। सीट बंटवारे को लेकर जारी खींचतान, नीति पर मतभेद और नेतृत्व को लेकर अस्पष्टता – ये सब कारण AAP के अलग होने की वजह बने। सूत्रों की मानें तो पंजाब और दिल्ली की सीटों को लेकर कांग्रेस और AAP के बीच तनातनी काफी समय से चल रही थी। कांग्रेस की कथित “एकतरफा सोच” से AAP काफी खफा थी।
INDIA गठबंधन को झटका
AAP का गठबंधन से बाहर जाना विपक्षी एकता के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे पहले भी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और समाजवादी पार्टी (SP) जैसी कुछ पार्टियां गठबंधन की रणनीति पर सवाल उठा चुकी हैं।
