Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्षी दलों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर जोरदार विरोध और नारेबाजी के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही बाधित हो गई। हंगामे के बीच अध्यक्ष को कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा।विपक्ष की ओर से मुख्य रूप से मणिपुर हिंसा, पेगासस जासूसी मामला, महंगाई, बेरोजगारी और हाल ही में सामने आए घोटालों को लेकर सरकार से जवाब माँगा गया। जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करते हुए वेल में आकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
लोकसभा में क्या हुआ?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों से शांत रहने की अपील की और सदन को सुचारु रूप से चलाने का आग्रह किया, लेकिन हंगामा बढ़ता गया। विपक्षी सांसदों के शोर-शराबे के चलते कोई भी विधायी कार्य नहीं हो सका और अंततः कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा का भी वही हाल
राज्यसभा में भी विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सभापति ने भी सदन को 12 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की।
सरकार का रुख
सरकार की ओर से यह कहा गया कि वह सभी मुद्दों पर चर्चा को तैयार है, लेकिन विपक्ष का रवैया गैर-जिम्मेदाराना है और वह केवल सत्र को बाधित करने में लगा है।
