Bihar Politics: बिहार विधानसभा का मानसून सत्र इस बार भी तीखी बयानबाज़ियों और गर्म माहौल का गवाह बना। जहां एक ओर RJD विधायकों ने जोरदार हंगामा किया, वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के बीच भी जुबानी टकराव ने सदन को और गरमा दिया। खासकर जब एक RJD विधायक ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा – “सदन किसी के बाप का नहीं है।”, तब विपक्ष और सत्ता पक्ष में बहस चरम पर पहुंच गई।

क्या हुआ सदन में?

बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान जब सरकार द्वारा पेश किए जा रहे प्रस्तावों पर चर्चा चल रही थी, उस दौरान RJD विधायक भड़क उठे
उन्होंने सदन में स्पीकर के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा-“यह सदन किसी के बाप का नहीं है… यहां सबकी आवाज़ सुनी जानी चाहिए।” इस टिप्पणी के बाद सत्ता पक्ष ने तीखी आपत्ति जताई और हंगामा शुरू हो गया।

नीतीश कुमार ने तेजस्वी को घेरा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जो आमतौर पर शांत अंदाज़ में अपनी बात रखते हैं, इस बार तीखे लहजे में सामने आए। उन्होंने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि –”जब सत्ता में थे, तब क्या किया? अब ऊल-जुलूल बोल रहे हैं। लोकतंत्र में मर्यादा होनी चाहिए।” नीतीश ने अप्रत्यक्ष रूप से तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधते हुए उनकी कार्यशैली और बयानबाज़ी पर सवाल उठाए।

तेजस्वी यादव का जवाब

तेजस्वी यादव ने भी तुरंत पलटवार करते हुए कहा-“नीतीश जी अपनी कुर्सी बचाने के लिए किस हद तक जाएंगे, ये अब सब देख रहे हैं। लेकिन युवाओं और बेरोजगारों के सवालों से भाग नहीं सकते।“तेजस्वी ने नीतीश सरकार पर रोजगार, शिक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर विफलता का आरोप लगाया।

विपक्ष की मांग

  • स्पीकर से निष्पक्ष रवैये की मांग

  • सरकार द्वारा सवालों से बचने का आरोप

  • सदन की कार्यवाही में सभी विधायकों को बोलने का समान अवसर देने की मांग

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