पीलीभीत: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए पीलीभीत जिले में रह रहे 2,000 से अधिक बांग्लादेशी हिंदू शरणार्थी परिवारों को ज़मीन और मूलभूत नागरिक सुविधाएं देने का निर्णय लिया है। दशकों से अपने अधिकारों से वंचित इन परिवारों के लिए यह राहत की बड़ी खबर मानी जा रही है।
कौन हैं ये शरणार्थी?
इन परिवारों का संबंध पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से है। 1970 के दशक में धार्मिक उत्पीड़न के चलते उन्होंने भारत में शरण ली। तब से ये पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और आसपास के जिलों में बिना किसी कानूनी मान्यता के झुग्गी-बस्तियों में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
योगी सरकार का बड़ा फैसला
उत्तर प्रदेश सरकार ने इन परिवारों को…
✅ भूमि का स्वामित्व (लीज के रूप में)
✅ बिजली, पानी, राशन कार्ड, स्कूल, स्वास्थ्य सेवाएं
✅ शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ
देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान
“ये लोग भारत के नागरिक हैं। दशकों से यह अपने अधिकारों से वंचित थे। अब इन्हें वह सब मिलेगा जो हर नागरिक को मिलना चाहिए – ज़मीन, पहचान और सम्मान।”
योगी सरकार का यह निर्णय सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण से बेहद अहम है। यह फैसला वर्षों से दर-दर की ठोकरें खा रहे उन परिवारों के लिए आशा की किरण है, जिन्होंने अपने देश में भी बेगानों की ज़िंदगी जी। अब उन्हें मिलेगी पहचान, स्थिरता और अधिकार।
