Rahul Gandhi: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए “वोट चोरी” के आरोपों पर भारत निर्वाचन आयोग ने केंद्रीय और अन्य संबंधित इकाइयों से शपथपत्र के रूप में जवाब मांगा है। इस बीच, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राहुल गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि आयोग को पहले पुराने मामलों में दिए गए शपथपत्रों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह टिप्पणी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर की।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पोस्ट में लिखा कि जब हमने 18 हजार वोट कटने का मामला उठाया था और उसके संबंध में शपथपत्र दिए थे, तो उस पर अब तक क्या कार्रवाई हुई, इसका जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए।
तेज़ न्याय की मांग
अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव से जुड़े मामलों में सिर्फ फास्ट ट्रैक कोर्ट नहीं, बल्कि “सबसे तेज़” अदालत की ज़रूरत है, ताकि समयबद्ध कार्रवाई हो और लोकतंत्र मजबूत बना रहे। उन्होंने सवाल किया कि क्या चुनाव आयोग के पास कोई सिटिज़न चार्टर है?
सपा प्रमुख ने मीरापुर विधानसभा उपचुनाव की तस्वीर साझा कर आयोग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उपचुनाव में मुख्यमंत्री स्वयं बूथ कैप्चरिंग में शामिल थे। मीरापुर और कुंदरकी में तैनात कमिश्नर, डीएम और एसएसपी क्या वोट बढ़वाने के लिए पूरी टीम के साथ मौजूद थे? उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं पर हथियार तक तान दिए गए ताकि वे मतदान न कर सकें। लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि जब बीजेपी को जीतने के लिए वोट कम पड़ गए, तो उन्होंने फर्जी वोट बनवाए और पुलिस को आगे कर दिया। उन्होंने दावा किया कि सपा ने कई बार चुनाव आयोग से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
