नई दिल्ली। विपक्षी गठबंधन ने आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार घोषित किया है। उनके नाम के ऐलान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। आइए जानते हैं कौन हैं बी. सुदर्शन रेड्डी और कैसा रहा उनका अब तक का सफर।
न्यायपालिका से रहा गहरा नाता
बी. सुदर्शन रेड्डी देश के वरिष्ठ न्यायविद रहे हैं।
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वे भारत के सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज रह चुके हैं।
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न्यायपालिका में उनकी साफ-सुथरी छवि और निष्पक्ष फैसलों के लिए उन्हें जाना जाता है।
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कानून और संवैधानिक मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है।
शिक्षा और करियर
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बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म आंध्र प्रदेश में हुआ था।
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उन्होंने उस्मानिया यूनिवर्सिटी और बाद में लंदन से कानून की पढ़ाई की।
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वे लंबे समय तक आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में जज रहे और बाद में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने।
क्यों खास है उनकी उम्मीदवारी?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विपक्ष ने उन्हें इसलिए चुना क्योंकि –
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उनकी छवि एक ईमानदार और निष्पक्ष न्यायाधीश की रही है।
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दक्षिण भारत से होने के कारण उनकी उम्मीदवारी को राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश भी माना जा रहा है।
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वे संवैधानिक मूल्यों के प्रबल समर्थक माने जाते हैं।
राजनीतिक समीकरण पर असर
विपक्ष द्वारा बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाए जाने से उपराष्ट्रपति चुनाव दिलचस्प हो गया है। हालांकि, सत्ता पक्ष के पास बहुमत है, लेकिन विपक्ष इस चुनाव को विचारधारा की लड़ाई के रूप में पेश कर रहा है। अब देखना होगा कि बी. सुदर्शन रेड्डी की उम्मीदवारी विपक्ष को कितना मजबूती देती है और उपराष्ट्रपति चुनाव में कौन बाज़ी मारता है।
