UP POLITICS: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर चालान की राजनीति सुर्खियों में है। इस बार मामला किसी आम आदमी का नहीं, बल्कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का है। अखिलेश ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि यूपी पुलिस अब जनता की सुरक्षा नहीं, बल्कि वसूली का कारोबार कर रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी गाड़ी का चालान सीधा आठ लाख रुपये का काट दिया गया। अखिलेश ने तंज कसा— “ये चालान नहीं, बल्कि सीधी वसूली है।”
अब सवाल ये है कि अगर एक पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता की गाड़ी पर इतना भारी-भरकम चालान ठोक दिया जाए, तो आम जनता किस हाल में होगी? जाहिर है कि सड़क पर गाड़ी चलाना अब सिर्फ ट्रैफिक का मसला नहीं, बल्कि जेब की मोटाई का भी इम्तहान बन चुका है। अखिलेश यादव के इस बयान से यूपी की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। भाजपा समर्थक इसे कानून का पालन बता रहे हैं, तो सपा कार्यकर्ता इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रहे हैं।
कह सकते हैं कि यह “आठ लाख का चालान” सिर्फ एक जुर्माना नहीं, बल्कि सियासत का नया हॉट टॉपिक बन गया है। अब देखना होगा कि जनता इसे कानून का डर मानती है या वसूली का खेल।
