मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर सरकार किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। इसी क्रम में मंगलवार को मुजफ्फरनगर के एसडीएम (SDM) को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
क्या है मामला?
सूत्रों के मुताबिक, एसडीएम पर राजस्व कार्यों और भूमि से जुड़े मामलों में रिश्वत लेने और अनियमितताओं के आरोप लगे थे। शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंची थीं। मुख्यमंत्री ने तुरंत जांच के आदेश दिए और प्राथमिक रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई कर दी।
सीएम योगी का निर्देश
सीएम योगी ने अधिकारियों से साफ कहा है कि भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी-कर्मचारी किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि राजस्व और जमीन से जुड़े मामलों में पीड़ित जनता को न्याय मिले और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई होगी।
जिले में हड़कंप
एसडीएम के सस्पेंशन के बाद जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। अन्य अधिकारी भी अब सतर्क हो गए हैं। लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई उन भ्रष्ट अधिकारियों के लिए बड़ा सबक है जो जनता से सीधे जुड़े कामों में गड़बड़ी करते हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने सीएम योगी की इस कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि इससे आम जनता का विश्वास बढ़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन-जायदाद और राजस्व से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार लंबे समय से बड़ी समस्या रही है। मुजफ्फरनगर में एसडीएम का सस्पेंशन एक बार फिर इस बात का संदेश है कि योगी सरकार में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। यह कार्रवाई न केवल प्रशासनिक स्तर पर सख्ती का संकेत देती है, बल्कि जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही को भी दर्शाती है।
