प्रयागराज: माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को प्रयागराज की अदालत से बड़ा झटका लगा है। झांसी जेल में बंद अली अहमद की जमानत याचिका सेशन कोर्ट ने खारिज कर दी है। उस पर बिल्डर से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने और जमीन अपने नाम कराने के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप हैं।
यह मामला 26 अप्रैल 2023 का है। प्रयागराज के खुल्दाबाद थाने में चकिया निवासी प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद मुस्लिम ने एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर में अतीक अहमद के बड़े बेटे उमर अहमद, छोटे बेटे अली अहमद, और उनके साथियों असद कालिया, ऐहतेशाम और करीम समेत छह लोगों के नाम शामिल हैं।
आरोप है कि इन लोगों ने बिल्डर से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी और देवघाट स्थित जमीन को उमर और अली अहमद के नाम बैनामा कराने के लिए दबाव बनाया। एफआईआर के अनुसार, पीड़ित को जबरन गाड़ी में बैठाकर अतीक अहमद के चकिया स्थित दफ्तर ले जाया गया, जहां उसकी पिटाई कर धमकाया गया। किसी तरह वह मौके से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, डर के माहौल में उसने कुछ दिन बाद अतीक के गुर्गे असद कालिया को एक करोड़ बीस लाख रुपये दिए थे। साथ ही, यह भी आरोप लगाया गया कि जमीन न देने पर उसे दोबारा पीटा गया। हालांकि, जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता मोहम्मद मुस्लिम भी खुल्दाबाद थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ करीब 16 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
वहीं, अली अहमद फिलहाल झांसी जेल में बंद है। कुछ समय पहले ही उसे प्रयागराज की नैनी जेल से झांसी ट्रांसफर किया गया था। जेल शिफ्टिंग के दौरान अली ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से “और परेशान न किए जाने” की अपील की थी।
अदालत के इस फैसले के बाद अब अली अहमद को राहत नहीं मिली है, और उस पर चल रहे रंगदारी व जमीन कब्जाने के मामले में कानूनी शिकंजा और कस गया है।
