जोधपुर। दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम बापू को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान उन्हें 6 महीने की अंतरिम जमानत देने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह राहत स्वास्थ्य कारणों के आधार पर दी है।

स्वास्थ्य कारणों के चलते दी गई राहत

सुनवाई के दौरान आसाराम के वकील ने अदालत में दलील दी कि उनकी तबीयत काफी खराब है और उन्हें लंबे इलाज की जरूरत है।
वकील ने कोर्ट को बताया कि आसाराम को हृदय, जोड़ों और श्वास संबंधी समस्याएं हैं और उन्हें लगातार मेडिकल निगरानी की आवश्यकता है।
मेडिकल रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद अदालत ने मानवीय आधार पर उन्हें छह महीने की अंतरिम जमानत मंजूर कर दी।

अदालत ने लगाई ये शर्तें

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अंतरिम जमानत की अवधि में आसाराम—

  • अपने इलाज से जुड़ी मेडिकल रिपोर्ट नियमित रूप से कोर्ट में जमा करेंगे।

  • किसी भी गवाह या पीड़ित पक्ष से संपर्क नहीं करेंगे।

  • बिना अनुमति के राजस्थान की सीमा से बाहर नहीं जाएंगे।

2013 में हुआ था मामला दर्ज

गौरतलब है कि आसाराम बापू को 2013 में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 25 अप्रैल 2018 को जोधपुर की पॉस्को अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। तब से आसाराम जोधपुर की सेंट्रल जेल में बंद हैं और कई बार स्वास्थ्य कारणों से जमानत की अर्जी लगा चुके हैं।

सरकार ने किया विरोध

राज्य सरकार की ओर से पेश सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आसाराम की तबीयत उतनी गंभीर नहीं है जितना बताया जा रहा है। हालांकि, अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट को देखते हुए राहत देना उचित समझा।

छह महीने बाद फिर पेश होना होगा कोर्ट में

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि छह महीने की अवधि पूरी होने के बाद आसाराम को दोबारा अदालत में पेश होकर आगे की कार्यवाही का सामना करना होगा। यदि तबीयत में सुधार नहीं होता, तो वे जमानत विस्तार की अर्जी दे सकते हैं।

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