Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती को निराश किया है। राज्य में बसपा को 192 सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद सिर्फ एक सीट पर जीत मिली है। रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से बसपा उम्मीदवार सतीश कुमार सिंह यादव ने बाजी मारी, लेकिन जीत का अंतर बेहद मामूली—सिर्फ 30 वोट रहा।

रामगढ़ में कांटे की टक्कर, 30 वोट से मिली जीत

रामगढ़ सीट पर बसपा के सतीश यादव और भाजपा के अशोक कुमार सिंह के बीच पूरी दिनभर कांटे की लड़ाई चली।
अंतिम नतीजे के अनुसार:

  • सतीश कुमार सिंह यादव (BSP): 72,689 वोट

  • अशोक कुमार सिंह (BJP): 72,659 वोट

मतगणना के दौरान यादव लगातार आगे जरूर रहे, लेकिन बढ़त लगातार घटती गई। दूसरे-आखिरी राउंड में वे केवल 175 वोट से आगे थे। आखिरी राउंड की गिनती लंबी खिंचने के बाद देर रात नतीजा घोषित हुआ।

रामगढ़ सीट: बसपा के लिए संघर्ष की जमीन

रामगढ़, बक्सर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और यह सीट बसपा का पुराना संघर्ष क्षेत्र भी है। यहाँ पार्टी का प्रदर्शन इस बार पहली बार नहीं चमका, बल्कि इससे पहले भी पार्टी बहुत कम अंतर से चुनाव हारती रही है:

  • 2020: बसपा राजद से 189 वोट से हारी

  • 2024 उपचुनाव: भाजपा से 1,284 वोट से हार

  • 2015: बसपा तीसरे स्थान पर रही

बार-बार कम अंतर से हारने के बावजूद इस बार बसपा ने यह महत्वपूर्ण सीट अपने नाम कर ली।

बसपा का प्रदर्शन: पिछली बार से बेहतर वोट शेयर

2020 के विधानसभा चुनावों में बसपा ने 78 सीटों पर लड़ा था और सिर्फ चैनपुर सीट जीती थी, लेकिन उसके विजयी उम्मीदवार मोहम्मद जमा खान बाद में जदयू में शामिल हो गए थे। इस बार पार्टी ने 192 सीटों पर चुनाव लड़ा और वोट शेयर 1.49% (2020) → बढ़कर 1.62% (2025) यह बढ़ोतरी सीटों की संख्या बढ़ाने और प्रचार अभियान में मायावती व आकाश आनंद की सक्रिय भूमिका के कारण मानी जा रही है।

‘रामगढ़ की जीत बड़ा मनोबल’-सतीश यादव

रामगढ़ से विजयी बसपा उम्मीदवार सतीश कुमार सिंह यादव ने कहा“यह जीत सिर्फ रामगढ़ की नहीं, बल्कि बसपा के लिए पूरे बिहार और देश में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और आने वाले चुनावों में पार्टी और मजबूत होकर उभरेगी।”

क्या 2025 में बदलेगी बसपा की स्थिति?

हालाँकि बसपा को इस चुनाव में सिर्फ एक सीट मिली है, लेकिन रामगढ़ की जीत ने पार्टी को नई उम्मीद दी है। कम अंतर वाली लगातार पराजयों के बाद आखिरकार मिली जीत ने संकेत दिया है कि पार्टी की पकड़ इस क्षेत्र में मजबूत हो रही है।

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