Ayodhya News: राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराने का ऐतिहासिक क्षण बस कुछ ही दिनों की दूरी पर है, और पूरे शहर में तैयारियां चरम पर पहुँच गई हैं। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने रविवार को तैयारियों का जायजा लिया और कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि 25 नवंबर को होने वाले इस राष्ट्रीय महत्व के क्षण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब चार घंटे अयोध्या में रहेंगे।
प्रधानमंत्री का पूरा दौरा – धार्मिक आस्था और परंपरा से भरपूर
प्रधानमंत्री का अयोध्या प्रवास सप्त ऋषि मंदिर से शुरू होगा। यहां वैदिक परंपराओं के अनुरूप सातों ऋषियों की आराधना की जाएगी। वैदिक आचार्य मंत्रोच्चार के बीच प्रधानमंत्री के लिए विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराएंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री शेषावतार मंदिर पहुंचेंगे, जहां भगवान लक्ष्मण की उपासना होगी — यह भागवत परंपरा और राम कथा में अनन्य भक्ति का महत्वपूर्ण केंद्र है।
ध्वजारोहण का शुभ मुहूर्त – पूरे देश की निगाहें:
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगा राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज पताका का आरोहण। इसका शुभ मुहूर्त सुबह 11:58 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसी अवधि में प्रधानमंत्री ध्वज फहराएंगे। ध्वजारोहण के बाद प्रधानमंत्री देश को संबोधित करेंगे और राम मंदिर निर्माण कार्य की पूर्णता की आधिकारिक घोषणा करने की संभावना है।
मॉक ट्रायल सफल – कार्यक्रम को लेकर प्रशासन सतर्क:
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि ध्वज फहराने का पहला ट्रायल शनिवार को सफलतापूर्वक किया गया था। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में दूसरा मॉक ट्रायल भी आयोजित किया जाएगा, ताकि अंतिम दिन किसी भी तरह की तकनीकी बाधा न आए।
अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था – अयोध्या में कड़ी निगरानी
प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा के इंतज़ामों को उच्चतम स्तर पर कर दिया गया है।
एयरपोर्ट से राम मंदिर तक 8 किलोमीटर के मार्ग पर बैरिकेडिंग
एसपीजी व यूपी पुलिस की संयुक्त निगरानी ड्रोन कैमरों से रूट और मंदिर परिसर का सर्विलांस
भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन प्रबंधन के विशेष इंतज़ाम
ध्वजारोहण समारोह में शामिल यूपी पुलिस के जवान इस बार विशेष औपचारिक ड्रेस में नज़र आएंगे, जिसकी तैयारी पूरी हो चुकी है।
अयोध्या में उत्सव जैसा माहौल:
धर्म ध्वज फहराने के इस अवसर को लेकर पूरे शहर में खास उत्साह है। मंदिर परिसर और शहर के प्रमुख मार्गों पर सजावट, रोशनी और सुरक्षा-प्रबंधों का काम अंतिम चरण में है। अयोध्या में देश-दुनिया से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिसको देखते हुए व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। 25 नवंबर को राम मंदिर का शिखर इतिहास का साक्षी बनने जा रहा है — यह क्षण केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए भावनात्मक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व से भरा होने वाला है।
