Amit Shah at 32nd Northern Zonal Council meeting: हरियाणा के फरीदाबाद में सोमवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक की शुरुआत दिल्ली में हाल ही में हुए कार बम विस्फोट और जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन धमाके में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देकर हुई। सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
दिल्ली कार बम धमाके पर अमित शाह का दो-टूक संदेश
अमित शाह ने बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आतंकवाद को जड़ से खत्म करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
दिल्ली बम हमले का ज़िक्र करते हुए उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा“दिल्ली बम विस्फोट के दोषियों को पाताल से भी ढूंढकर सबसे सख्त सजा दिलाई जाएगी।” उनका यह बयान साफ संकेत देता है कि केंद्र इस हमले को बेहद गंभीरता से ले रहा है और आने वाले दिनों में बड़े एक्शन देखने को मिल सकते हैं।
CCS बैठक से पहले गृह मंत्रालय पहुंचे शाह
दिल्ली धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। सूत्रों के अनुसार, अमित शाह कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक से पहले गृह मंत्रालय पहुंचे, जहाँ हमले की जांच और सुरक्षा खामियों की समीक्षा की गई।
क्षेत्रीय परिषदों की बढ़ती भूमिका – संवाद, सहयोग, समन्वय पर जोर
अमित शाह ने कहा कि संवाद और सहयोग बढ़ाने में क्षेत्रीय परिषदों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रधानमंत्री के विजन“सशक्त राज्य ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण करते हैं” का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार इसी सोच के साथ राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि:
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2004–14 की तुलना में
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2014–25 के बीच क्षेत्रीय परिषद बैठकों में ढाई गुना बढ़ोतरी हुई है।
अब तक कुल 1600 मुद्दों पर चर्चा हो चुकी है, जिनमें से 1303 मामलों का समाधान हो चुका है — यानी 81.43% सफलता दर।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
गृह मंत्री ने कहा कि महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSC) की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि इससे POSCO और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों का निपटारा तेजी से होगा।
सहकारिता, कृषि और मत्स्य क्षेत्र में बढ़ रहा रोजगार
अमित शाह ने सहकारिता मंत्रालय के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सहकारिता मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि:
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कृषि
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डेयरी
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मछली पालन
जैसे क्षेत्रों में रोजगार तेजी से बढ़ रहा है और गरीबी में लगातार कमी आ रही है।
