Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की करारी हार के बाद आरजेडी परिवार के भीतर उठी हलचल अब खुलकर सामने आने लगी है। राबड़ी देवी आवास में चली एक अंदरूनी बैठक के दौरान कथित बदसलूकी का आरोप लगाने वाली रोहिणी आचार्य ने मंगलवार (18 नवंबर 2025) को एक वरिष्ठ पत्रकार पर जमकर निशाना साधा। रोहिणी ने फोन बातचीत का वीडियो सार्वजनिक करते हुए साफ कहा कि “बेटी मायके में कितने दिन रहे, इसका हिसाब कोई क्यों देगा?” रोहिणी के इस बयान के बाद सियासत और मीडिया जगत में नई बहस शुरू हो गई है।

फोन कॉल वायरल: वरिष्ठ पत्रकार कन्हैया भेलारी से तीखी बहस

रोहिणी आचार्य ने अपने एक्स और फेसबुक हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे बिहार के वरिष्ठ पत्रकार कन्हैया भेलारी से फोन पर बातचीत करती सुनाई देती हैं।
रोहिणी ने पत्रकार से सख्त लहजे में पूछा “आप बताइए, बेटियों को कितने दिन और कितने घंटे मायके में रहना चाहिए? इसका हिसाब कौन तय करेगा?” उन्होंने कहा कि वह अपने भाई और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के बुलावे पर राबड़ी आवास गई थीं, लेकिन वहां उनके साथ गलत व्यवहार किया गया।

“लालू जी के नाम पर किडनी दान की शुरुआत वही करें जो मुझे गाली देते हैं” — रोहिणी आचार्य

वीडियो के साथ रोहिणी ने एक लंबा पोस्ट भी लिखा, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ बोलने वाले लोगों पर करारा पलटवार किया। उन्होंने लिखा— “जो लोग लालू जी के नाम पर नाटक करते हैं, हमदर्दी दिखाते हैं… उन्हें चाहिए कि झूठ न बोलें, बल्कि अस्पतालों में किडनी की जरूरत वाले गरीब मरीजों को किडनी दान करें। अगर इतना ही प्रेम है तो पहले खुद आगे आएं।” उन्होंने कहा कि पिता लालू प्रसाद यादव को किडनी देने के लिए उन्हें ‘गलत’ कहने वाले लोग खुले मंच पर उनसे बहस करने की हिम्मत दिखाएं।

पत्रकारों और ट्रोलर्स पर सीधा हमला:

रोहिणी ने अपने बयान में उन पत्रकारों और सोशल मीडिया यूज़र्स को भी निशाने पर लिया जो उनकी निजी जिंदगी और किडनी दान को लेकर टिप्पणी कर रहे थे। उन्होंने लिखा— जिनका एक बोतल खून देने में खून सूख जाता है… वे लोग किडनी दान पर प्रवचन दे रहे हैं। पहले वे खुद दान करके दिखाएं। फिर हरियाणवी महापुरुष, चाटुकार पत्रकार और उनके भक्त ट्रोलर्स मुझे उपदेश दें।” रोहिणी का यह बयान खासकर इसलिए चर्चा में है क्योंकि वे अब तक इस विवाद पर चुप थीं। लेकिन मंगलवार के वीडियो ने साफ कर दिया कि आरजेडी परिवार के भीतर तनाव अब खुलकर सतह पर आ चुका है।

चुनावी हार के बाद आरजेडी में बढ़ती खींचतान:-

आरजेडी की चुनावी हार के बाद से ही पार्टी के अंदर कई स्तरों पर असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं। राबड़ी आवास में हुई तीखी बहस की खबरें भी इसी पृष्ठभूमि में आई थीं। रोहिणी का प्रेस और सोशल मीडिया पर खुला वार यह दिखाता है कि मामला अब केवल परिवार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन चुका है।

आगे क्या करेंगी रोहिणी?

रोहिणी आचार्य ने साफ संकेत दिया है कि वह चुप नहीं रहने वालीं।उनके बयान से यह भी साफ है कि आने वाले दिनों में आरजेडी परिवार की आंतरिक राजनीति और ज्यादा सुर्खियों में रह सकती है। पार्टी की ओर से फिलहाल इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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