लखनऊ। नए साल के आगमन को लेकर राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। 31 दिसंबर और 1 जनवरी को संभावित भीड़, जश्न और यातायात दबाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है। शहर में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताई जा रही है।
हजरतगंज सहित प्रमुख इलाकों में कड़ी निगरानी
इसी क्रम में लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। डीसीपी ट्रैफिक कमलेश दीक्षित ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि नए साल के जश्न के दौरान किसी भी तरह की हुड़दंगबाजी, लापरवाही या कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नए साल के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में असामाजिक तत्वों के सक्रिय होने की संभावना रहती है, ऐसे में पुलिस हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेगी। प्रमुख चौराहों, बाजारों, मॉल, होटल और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ लगातार गश्त कराई जाएगी।
हुड़दंग, नशे में ड्राइविंग पर सख्ती
पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
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शराब पीकर वाहन चलाने
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तेज रफ्तार
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स्टंटबाजी
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सार्वजनिक स्थानों पर उत्पात
जैसी गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आम नागरिकों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और नया साल शांतिपूर्ण, सुरक्षित और अनुशासित माहौल में मनाया जाए, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
AI आधारित ट्रैफिक सिस्टम से चलेगा सिग्नल
यातायात व्यवस्था को लेकर इस बार विशेष तकनीकी तैयारी की गई है। डीसीपी ट्रैफिक कमलेश दीक्षित ने बताया कि राजधानी के प्रमुख चौराहों और सभी ट्रैफिक सिग्नलों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम से संचालित किया जाएगा। इस प्रणाली के तहत ट्रैफिक सिग्नल वाहनों के दबाव के अनुसार खुद लाल-हरे होते रहेंगे। जिस दिशा में वाहनों की संख्या अधिक होगी, उस दिशा का सिग्नल अधिक समय तक हरा रहेगा, जिससे जाम की समस्या कम होगी।
हाई-रेजोल्यूशन कैमरों से ट्रैफिक मॉनिटरिंग
AI सिस्टम को प्रभावी बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा शहर के चौराहों पर ट्रैफिक मूवमेंट का सर्वे कराया जा रहा है।
इसके तहत—
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हाई-रेजोल्यूशन कैमरे
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अत्याधुनिक सेंसर
लगाए जा रहे हैं, जो वाहनों की संख्या, गति और लेन में कतार की लंबाई का आकलन करेंगे। इससे ट्रैफिक कंट्रोल और अधिक सटीक व प्रभावी होगा।
गूगल के साथ मिलकर अपडेट होगा लखनऊ का डिजिटल मैप
लखनऊ ट्रैफिक पुलिस गूगल के सहयोग से शहर का डिजिटल मैप अपडेट कर रही है। डीसीपी कमलेश दीक्षित ने बताया कि मैप अपडेट होने के बाद लोगों को गूगल मैप पर ही ट्रैफिक डायवर्जन, निर्माणाधीन फ्लाईओवर और संकरे रास्तों की जानकारी मिल सकेगी। दरअसल, शहर के लगातार विस्तार और निर्माण कार्यों के चलते कई नए वैकल्पिक और संकरे मार्ग बने हैं, जो अब तक डिजिटल मैप में दर्ज नहीं थे। योजना के अनुसार, किसी भी पुल या निर्माण कार्य के कारण यातायात में बदलाव होने पर उसकी जानकारी समय रहते आम जनता तक पहुंचाई जाएगी।
